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टैक्सी चालक की पीट-पीटकर हत्या, साथी को किया अधमरा

बहादुरगढ़ :पैसों के लेन-देन में कुछ लोगों ने मिलकर बहादुरगढ़ के एक टैक्सी चालक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। जबकि उसके साथी को अधमरा कर दिया गया। वारदात रोहतक के सापला में हुई। शव को बहादुरगढ़ के आसौदा गाव से बरामद किया गया। छानबीन के बाद सापला पुलिस ने अभियोग दर्ज कर जाच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमार्टम सिविल अस्पताल में कराया गया। इस दौरान परिजनों ने हगामा भी किया। पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन देकर उन्हे शात किया।

बहादुरगढ़ के रेलवे लाइन पार क्षेत्र का रहने वाला सत्यवान पुत्र ईश्वर टैक्सी चलाता था। रविवार की रात वह अपने साथी प्रदीप पुत्र रामेहर के साथ सापला में अपने परिचितों के पास गया था। वहा पर दोनों को बाधकर डडों व लोहे के सरियों से निर्ममतापूर्वक पिटाई की गई। बाद में सत्यवान अचेत हो गया तो दोनों को गाड़ी में डालकर आसौदा के पास बराही मार्ग पर सरकारी स्कूल के सामने फेंक दिया। आरोपियों ने जाते समय दोनों के ऊपर रजाई भी डाल दी। यहा पर सत्यवान की मौत हो गई। जबकि प्रदीप को सुबह ग्रामीणों ने अस्पताल पहुचाया। बाद में उसे रोहतक पीजीआइ रेफर कर दिया गया।

इस तरह हुई वारदात

पुलिस ने घायल प्रदीप के बयान पर मामला दर्ज किया है। उसने बताया है कि सत्यवान आसौदा गाव के देवेंद्र पुत्र किताब सिंह, हरिओम पुत्र दयाशकर, पूर्ण पुत्र मंगली तथा विक्की पुत्र रामनाथ के पास ड्राइवरी करता था। रविवार की रात वह और सत्यवान इन चारों के पास दहकोरा रोड पर सापला में गए थे। वहा पर चारों अपने दफ्तर में शराब पी रहे थे। सत्यवान का इन चारों के साथ पैसे का लेन-देन था। इसी को लेकर कहासुनी हो गई। चारों ने मिलकर उन दोनों को दफ्तर के अंदर ही बाध लिया और डडो व सरिये से बुरी तरह पीटा। ज्यादा चोटों के कारण सत्यवान वहीं पर बेहोश हो गया। इसके बाद उन दोनों को इको गाड़ी में डालकर आसौदा में लेकर आए। सड़क के किनारे दोनों को गाड़ी से नीचे फेंक दिया। बाद में ऊपर रजाई डाल दी। जाते समय चारों ने कहा कि सत्यवान को बचा सके तो बचा ले। इसके बाद वे फरार हो गए। दोनों के मोबाइल फोन भी साथ ले गए। प्रदीप का कहना है कि पैरो में ज्यादा चोटों के कारण वह उठ नही पाया। सुबह गाव के लोग आए और उन दोनों की हालत देखी तो सत्यवान दम तोड़ चुका था।

फोरेसिक टीम ने की जाच

सुबह जैसे ही बहादुरगढ़ पुलिस को इस बारे में सूचना मिली तो तुरत कई टीमें मौके पर पहुची। फोरेसिक टीम ने भी पहुचकर जाच की। जब घायल के बयान दर्ज किए गए, तब यह खुलासा हुआ कि वारदात सापला की है। इसके बाद वहा से टीम पहुच गई। शव को बहादुरगढ़ के सिविल अस्पताल में भेजा गया।

एएसपी , डीएसपी ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दिया आश्वासन

अस्पताल में सत्यवान का शव लेने आए परिजनों ने हगामा किया और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की माग की। एक बार तो गुस्साए लोग सड़क पर उतरने को तैयार हो गए। मगर एएसपी लोकेंद्र सिंह, डीएसपी भगतराम ने परिजनों को आश्वस्त किया कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए स्थानीय पुलिस भी पूरी मदद करेगी। इसके बाद वे शात हुए। मृतक के भाई का कहना था कि हत्या में चार के अलावा और लोग भी शामिल है। सभी पर कार्रवाई हो।