# बयान से पलटे करणी सेना प्रमुख ,पद्मावत देखने से इंकार         # अमेरिका में शटडाउन खत्म, राष्ट्रपति ट्रंप ने साइन किए बिल         # दिल्ली: राजपथ पर फुल ड्रेस रिहर्सल आज, कई जगह मिल सकता है जाम         # सेंसेक्स की डबल सेंचुरी, पहली बार 36000 के पार, निफ्टी ने भी रचा इतिहास         # सीलिंग के विरोध में दिल्ली के सभी बाजार आज रहेंगे बंद         # भारत-पाक बॉर्डर पर तनाव के बीच जम्मू कश्मीर में LOC के आर - पार बस सेवा फिर शुरू         # मिजोरम में शरण लिए म्यांमार के 1400 लोगों का देश लौटने से इनकार         # हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों को देना होगा दहेज नहीं लेने का शपथ पत्र         # हरियाणा के कांग्रेस विधायकों को पार्टी फंड के लिए नोटिस         # दिल्ली एनसीआर में मौसम ने ली करवट, हल्की बारिश से ठंड की वापसी        
News Description
भावान्तर भरपाई योजना लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य

करनाल 01 जनवरी,     हरियाणा सरकार द्वारा सब्जी काश्तकारों को जोखिम मुक्त बनाने के उद्देश्य से प्रदेश में भावान्तर भरपाई योजना लागू की है। यह योजना लागू करने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य बन गया है। इस योजना के लागू होने से अब किसानों को अपनी सब्जियों को लागत से कम मूल्यों पर नहीं बेचना पड़ेगा बल्कि ऐसी स्थिति में हरियाणा सरकार सब्जी के निर्धारित मूल्य के अनुसार ही किसान से खरीदकर उसके भाव के अंतर की भरपाई करेगी। भावान्तर भरपाई योजना के लागू होने से जिला के किसानों में खुशी की लहर है।  
बता दें कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा हाल ही में नीलोखेड़ी खंड के गांव गांगर से भावान्तर भरपाई योजना का शुभारम्भ किया गया था। यह सब्जी उत्पादकों के लिए मंडी में उनकी सब्जी के लागत से कम दाम पर खरीदने पर सरकार लागत की भरपाई करेगी,इसके लिए किसानों को अपनी फसल का रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य मंडी में सब्जी की कम कीमत के दौरान किसानों को निर्धारित संक्षरित मूल्य द्वारा जोखिम को कम करना एवं कृषि में विविधिकरण के लिए किसानों को प्रोत्साहित करना है। पहले चरण में इस योजना के अंतर्गत चार फसले टमाटर,प्याज,आलू एवं फू ल गोभी चयनित की गई है। इस प्रकार की योजना पूरे देश में हरियाणा प्रदेश में लागू होने वाली पहली योजना है। इस योजना से जोखिम मुक्त कर सब्जी उत्पादकों को  बिक्री अवधि में प्रोत्साहित किया जाएगा। योजना के तहत उक्त चार फसलों पर 48 हजार से 56 हजार रूपये प्रति एकड़ आमदनी सुनिश्चित करना है। 
इस योजना के लाभ केवल पंजीकृत सब्जी उत्पादकों को ही दिया जाएगा। किसानों को इसके लिए टमाटर,प्याज,आलू एवं फू ल गोभी की बिजाई अवधि के दौरान हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की वैब साईट पर बागवानी भावान्तर भरपाई योजना पोर्टल के माध्यम से निशुल्क पंजीकरण सुनिश्चित अवधि में करवाना अनिवार्य होगा। यह योजना प्रदेश के बागवानी विभाग एवं हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड द्वारा चलाई गई है। उद्यान विभाग द्वारा पंजीकृत किसानों का उक्त फसलों में क्षेत्र प्रमाणीकरण किया जाएगा। प्रमाणित क्षेत्र से अतुंष्ट होने पर किसानों द्वारा सत्यपान व अपील एक निश्चित अवधि में करने का प्रावधान भी रखा गया है। इस योजना के आंकलन एवं योजना को प्रभावी तौर पर लागू करने के लिए राज्य एवं जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया। 
भावान्तर भरपाई योजना के बारे में इंद्री खंड के गांव खानपुर के प्रगतिशील किसान ओमप्रकाश ने करीब तीन एकड़ में टमाटर,जैनपुर के साहबसिंह ने दस एकड़ में टमाटर व पांच एकड़ खुले में गोभी तथा तीन एकड़ पोली हाउस में सब्जी उगाई,बीबीपुर के हिशम सिंह ने डेढ़ एकड़ में आलू,धनौरा के रामेश्वर ने दस एकड़ में आलू व टमाटर की काश्त की हुई है। उनका कहना है कि हरियाणा सरकार ने सब्जी काश्तकारों के लिए यह योजना लागू करके एक सराहनीय कदम उठाया है,जिसका हम सब जोरदार स्वागत करते है। उन्होंने कहा कि कईं बार सब्जियों के इतने भाव गिर जाते है कि मजदूरों की मजदूरी देना भी किसान के लिए मुसीबत बन जाती है। ऐसी मुसीबत से बाहर निकलने के लिए भावान्तर भरपाई योजना किसानों के लिए एक वरदान से कम नहीं है। उन्होंने इस योजना का जोरदार स्वागत किया और कहा कि हरियाणा सरकार ने सब्जी काश्तकारों को नये वर्ष का अनुपम तोहफा दिया है।  
इसी प्रकार नीलोखेड़ी खंड के गांव पधाना निवासी प्रगतिशील किसान रामबीर,प्रवीन कुमार,गांव संधीर के सुखबीर,गांगर के किसान सम्राट व बृजमोहन ने भी भावान्तर भरपाई योजना का दिल खोलकर स्वागत किया और कहा कि अब किसानों को सब्जियों के भाव कम होने पर, सब्जियों को सडक़ों पर फेंकने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। उक्त सभी किसानों द्वारा करीब पांच-पांच एकड़ में टमाटर की काश्त की गई है,अब उन्हें विश्वास हो गया है कि सब्जियों के कितने भी भाव गिर जाए,इस घाटे से उभारने के लिए सरकार उनके साथ है और हमारी सब्जियों को वाजिब दाम पर खरीदेगी और आर्थिक संकट से बाहर निकालेगी।