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1.5 करोड़ की लागत की सीवरेज शकर मशीनों की मिली मंजूरी

नारनौल, 1 जनवरी। अब शहर की सीवरेज लाइनों में रोज-रोज होने वाली रुकावटों से निजात मिलेगी। नारनौल के विधायक ओमप्रकाश यादव के प्रयासों से शहर के लिए 1.5 करोड़ की लागत की सीवरेज शकर मशीन की मंजूरी मिल चुकी है। यह मशीन सीवरेज में किसी भी प्रकार की रुकावट को चंद ही मिनटों में साफ कर देगी।
जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन संजीव त्यागी ने बताया कि शहर में सीवरेज सिस्टम को दुरुस्त रखने में यह मशीन कारगर सिद्ध होगी। इस जिले में पहली बार सीवरेज के लिए इतनी बड़ी मशीन खरीदी जा रही है। 
उन्होंने बताया कि इस मशीन की इतनी क्षमता है कि सीवरेज लाइन में पड़े ईंट-रोड़े को भी हवा से चूसकर बाहर निकाल देगी। सबसे बड़ी खासियत ये है कि इससे सीवरेज की गाद सड़कों पर नहीं बिखरेगी। यह बहुत ही आधुनिक मशीन है जो बड़े-बड़े नगरों में प्रयोग की जा रही है। 
त्यागी ने बताया कि इस बारे में विधायक नारनौल ओमप्रकाश यादव खुद जनस्वास्थ्य मंत्री डा. बनवारी लाल से मिलकर इस मशीन की पैरवी कर रहे थे। उनके प्रयासों से यह मशीन शहर को मिलने जा रही है। 
उन्होंने बताया कि परंपरागत तरीके से सीवरेज को साफ करने में एक तरफ जहां सफाई कर्मियों को बीमारियों का खतरा रहता था वहीं उस तरीके की सफाई नहीं हो पाती थी। शहर में लगभग 90 किलोमीटर लाइन को साफ करना आसान नहीं है। इस मशीन से यह काम आसान हो गया और सुरक्षित भी होगा तथा पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित है। शहर की लगभग 90 किलोमीटर लाइनों को साफ रखना चुनौती भरा काम था।  
त्यागी ने बताया कि शहर में वर्तमान में लगभग 2.2 किलोमीटर लाईन 1200 एमएम व्यास की, 1.4 किलोमीटर 900 एमएम व्यास, 1 किलोमीटर 700 एमएम व्यास, 2 किलोमीटर 600 एमएम व्यास की तथा 83 किलोमीटर 500 एमएम व्यास से 200 एमएम व्यास तक की है ।