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दो दिन में संदीप के हत्यारों को करो गिरफ्तार, नहीं तो 20 गांव के लोग देंगे धरना

करनाल : बिर्चपुर निवासी एथलीट संदीप की हत्या के मामले में 24 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। न तो हत्यारों का पता चला, न ही हत्या की वजह। गुस्साए परिजन पांच गांवों बिर्चपुर, जाणी, बीड़ माजरा, बड़ौता, बुड्ढनपुर व भूसली की पंचायत के साथ रविवार को एसपी जेएस रंधावा से मिले। एसपी ने मामले में डीएसपी वीरेंद्र सैनी की अध्यक्षता में एसआइटी गठित की है। एसपी ने आश्वासन दिया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

मृतक युवक के चाचा शिवकुमार, बिर्चपुर गांव के पूर्व सरपंच ओमप्रकाश, बीड़ माजरा के सरपंच राहुल, सुखबीर, इंद्र, राजेंद्र व नरेश ने बताया कि मधुबन जैसे अति सुरक्षित क्षेत्र में इतनी बड़ी वारदात करने के बाद हत्यारों का साफ बच कर निकल जाना गहरी साजिश की तरफ इशारा कर रहा है। इस हत्याकांड को बहुत ही सोच-समझ कर अंजाम दिया गया है। क्योंकि संदीप की न तो किसी से कोई दुश्मनी है और न ही हत्या की कोई सीधी वजह समझ में आ रही है।

पुलिस जांच पर उठाया सवाल

पीड़ितों ने बताया कि पुलिस इस केस को बहुत ही सामान्य तरीके से हल करने की कोशिश कर रही है। होना तो यह चाहिए कि इस मामले को गंभीरता से लेकर गहनता से जांच होनी चाहिए थी। लेकिन पुलिस के लिए तो यह बस एक हत्या का मामला भर है जबकि वे बार-बार कह रहे हैं कि यह हत्याकांड एक सुनियोजित साजिश है। जिसका पर्दाफाश करने के लिए पुलिस को ठोस जांच करनी चाहिए।

इसलिए उठाए सवाल

इतनी बड़ी वारदात हो गई, क्यों पुलिस को कोई सुराग मौके से नहीं मिला। ऐसा कैसे हो सकता है जबकि संदीप के हत्यारों ने मौके पर कुछ समय बिताया। पुलिस को वारदात स्थल की एफएसएल विशेषज्ञों के साथ मिल कर जांच करनी चाहिए थी। इससे कोई सुराग मिलने में मदद मिल सकती थी। इतने सुरक्षित क्षेत्र में हत्या जैसी वारदात हो जाना और इसके बाद हत्यारों का सुरक्षित निकल जाना अपने आप में बड़ा सवाल है। संदीप के मोबाइल की अभी तक जांच टीम ने जांच तक नहीं की।

..तो पुलिस ट्रे¨नग सेंटर की सुरक्षा भी खतरे में है

पीड़ितों ने बताया कि संदीप की हत्या ने तो मधुबन पुलिस ट्रे¨नग सेंटर की सुरक्षा पर भी सवाल खड़ा कर दिया है। क्योंकि यदि यहां सुरक्षा पुख्ता होती तो हत्यारे वारदात को अंजाम देने की हिम्मत नहीं कर सकते थे। ऐसे में तो कभी भी यहां कोई ओर वारदात भी हो सकती है। ग्रामीण शमशेर ने बताया कि अक्सर आतंकवादी ही इतनी सुरक्षा व्यवस्था में वारदात को अंजाम देते थे। यह पहली बार हो रहा है कि ट्रे¨नग सेंटर में बदमाश भी वारदात कर रहे हैं।