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शहर की स्वच्छता की राह में कर्मियों का टोटा

कैथल : शहर में जल्द ही स्वच्छता को लेकर सर्वे शुरू होने वाला है, लेकिन शहर में सफाई करने वाले कर्मचारियों की संख्या कम है। हालांकि नगर परिषद व प्रशासन के अधिकारी जिले को स्वच्छता अभियान में प्रथम लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, लेकिन कर्मचारियों की कमी के कारण उनकी राह कठिन होती दिखाई दे रही है। शहर में कई स्थान ऐसे हैं जहां सफाई कर्मचारी पहुंच ही नहीं पाते। नगर परिषद में करीब 380 पक्के व अस्थायी सफाई कर्मचारी काम कर रहे हैं। शहर में 180 कर्मचारी पक्के व 200 कर्मचारी अस्थायी तौर पर काम कर रहे हैं। सफाई कर्मचारियों की संख्या 2011 में शहर की जनसंख्या के हिसाब से ठीक थी, लेकिन अब लगातार जनसंख्या में वृद्धि हो रही है। अब शहर की जनसंख्या करीब ढाई लाख का आंकड़ा पार कर चुकी हैं, लेकिन सफाई कर्मियों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं हुई है।

शहर को पूरी तरह से साफ रखने के लिए नगर परिषद को करीब 200 कर्मचारियों की दरकार है। मौजूदा कर्मचारियों में से भी करीब 42 कर्मचारी ऐसे हैं जो अधिकारियों और नेताओं की कोठियों पर काम कर रहे हैं। आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत ठेकेदार लाखों रुपये कमा रहे हैं, लेकिन सफाई कर्मचारियों को वेतन के लिए हड़ताल या धरना देना पड़ता है।

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सरकार जल्द करे पक्के

कर्मचारियों की भर्ती :

सरकार ने करीब छह महीने पहले सफाई कर्मचारी संघ से 15 हजार नए सफाई कर्मचारियों की भर्ती करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभी सरकार ने भर्ती की ओर एक कदम भी नहीं उठाया है। शहर में सफाई कर्मचारियों की कमी है। अब शहर का क्षेत्रफल और जनसंख्या भी बढ़ चुकी है, लेकिन नए कर्मचारी भर्ती नहीं हो रहे। सरकार को जल्द से जल्द नए कर्मचारियों की नियुक्ति करनी चाहिए।

- शिवचरण, जिला प्रधान नगरपालिका कर्मचारी संघ

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शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर सुधार किया जा रहा है। शहर की जनसंख्या के हिसाब से कर्मचारी कम हैं। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और सफाई व्यवस्था की स्थिति सुधारने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जहां भी उन्हें गंदगी फैलने की शिकायत मिलती है तुरंत कर्मचारियों को भेज कर समाधान करवा दिया जाता है। शहर को साफ रखने के लिए लोगों को भी सहयोग देना चाहिए। खुले में कूड़ा डालने की बजाय डस्टबीन में डालना चाहिए।