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स्वच्छता के लिए चलेगा 'जागो जींद-जगाओ जींद' कैंपेन

जींद : स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर की सफाई रैं¨कग सुधारने के लिए रात के समय बाजारों में सफाई अभियान शुरू करने के बाद नगरपरिषद अब जागो जींद - जगाओ जींद अभियान शुरू करेगा। इस कैंपेन के तहत लोगों को आसपास साफ-सफाई रखने, घरों से ही सूखा और गीला कचरा अलग-अलग करने और स्वच्छ मैप एप डाउनलोड करने की अपील की जाएगी।

नए साल में चार जनवरी से देशभर में स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू होगा। जींद में भी चार जनवरी को ही सर्वे टीम पहुंचेगी। इसलिए नगरपरिषद ने शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए जोर-शोर से काम शुरू कर दिया है। नगरपरिषद का मानना है कि जब तक शहर के लोगों की सफाई में भागीदारी नहीं होगी, तब तक शहर को सुंदर नहीं रखा जा सकता। इसीलिए जागो जींद-जगाओ जींद अभियान शुरू किया जाएगा। इसके तहत लोगों को घरों से ही गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए शहर की प्रमुख जगहों पर वाल पें¨टग करवाई जाएगी, जिस पर कार्य शुरू हो गया है। वाल पें¨टग में लोगों से शहर की सार्वजनिक जगहों पर कूड़ा न फेंकने की अपील के साथ स्वच्छ मैप एप को डाउनलोड करने की अपील की जाएगी। लोगों को अपने घर और दुकान के आसपास साफ-सफाई रखने के प्रति मोटिवेट करने के लिए 50 सक्षम युवा घर-घर जा रहे हैं। इन युवाओं को पहले एक सप्ताह की ट्रे¨नग दी गई थी। ये युवा वार्ड वाइज पूरे शहर में जाएंगे और लोगों को प्रेरित करेंगे कि स्वच्छ मैप एप को डाउनलोड करें। आपको कहीं भी कूड़ा दिखाई देता है तो उसकी फोटो खींचकर एप पर डाउनलोड कर दें। इन युवाओं ने अब तक 450 घरों और दुकानों को कवर कर लिया था। स्वच्छ मैप एप डाउनलोड कराने में भी ये युवा मदद कर रहे हैं।

--आधे कूड़े से बन सकती है खाद

शहर से हर रोज 70 टन कूड़ा निकलता है। इसमें से 50 फीसदी गीला कूड़ा होता है, जिससे जैविक खाद बनाई जा सकती है। 30 प्रतिशत कूड़ा सूखा होता है, जिसे बेचा जा सकता है। जबकि 20 प्रतिशत कूड़े को लैंड फि¨लग के काम में लाया जा सकता है।

--इस तरह अलग-अलग करें कूड़े

लोग गीले कूड़े में फल व सब्जियों के छिलके, चाय पत्ती, ब्रेड, रोटी, मीट इत्यादि को हरे डिब्बे में रखें, जिससे खाद बनाई जा सकेगी। सूखे कूड़े में प्लास्टिक, लकड़ी, कपड़ा, रबड़, गत्ता व थर्मोकोल इत्यादि को नीले डिब्बे में रखें, जिसे बेचा जा सकेगा। इसके अलावा हानिकारक कूड़ा जैसे शे¨वग ब्लेड, सैनेटरी पैड, डायपर, सीरींज, बची हुई दवाइयां, तेजाब की बोतलें इत्यादि को अलग से थैले या कागज में लपेट कर दें।

--वर्जन--

हरे व नीले डिब्बों का प्रयोग करें

लोग घरों में हरा व नीले रंग का डिब्बा रखने की आदत डालें। हरे डिब्बे में फल व सब्जी, चाय पत्ती आदि गलने वाली सामग्री डालें और नीले डिब्बे में प्लास्टिक, लकड़ी जैसा सूखा कूड़ा डालें। डोर-टू-डोर पहुंच रही नगरपरिषद की रिक्शा में इस कूड़े अलग-अलग डालें। इस छोटे से प्रयास से ही शहर की फिजा बदली जा सकती है।