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घने कोहरे से साइबर सिटी की रफ्तार पर लगा ब्रेक

 गुरुग्राम: वर्ष 2017 घने कोहरे के साथ विदा हुआ। अंतिम दिन लगभग पूरे दिन कोहरा छाया रहा। दोपहर 12 बजे तक 50 से 100 मीटर तक भी आगे देखना मुश्किल हो रहा था। सुबह दस बजे तक 50 मीटर भी आगे देखना मुश्किल था। इस वजह से अधिकतर लोग घरों से बाहर दोपहर बाद ही निकले। एक्सप्रेस-वे भी सुबह दस बजे तक काफी कम वाहन दिखाई दिए। घने कोहरे की वजह से कई ट्रेनें भी काफी देरी से पहुंचीं।

रविवार सुबह साढ़े पांच बजे के बाद से कोहरा छाना शुरू हुआ था। सुबह सात बजते-बजते इतना घना कोहरा छा गया कि किसी-किसी इलाके में 10 से 20 मीटर की दूरी तक भी आगे दिखना मुश्किल हो गया था। दस बजे तक यही स्थिति रही। कोहरे का असर एक्सप्रेस-वे से लेकर सभी सड़कों से लेकर पार्कों में भी दिखा। सुबह दस बजे तक एक्सप्रेस-वे पर वाहन रेंगते नजर आए। चालकों ने हेडलाइट का सहारा लिया। चालकों द्वारा सावधानी बरतने की वजह से कहीं भी हादसा नहीं हुआ।

पार्को में पसरा रहा सन्नाटा

अक्सर रविवार को पार्कों की रौनक बढ़ जाती है लेकिन इस रविवार को अधिकतर पार्कों में सन्नाटा पसरा रहा। जो इक्के-दुक्के लोग पहुंचे भी वे सुबह आठ बजे के बाद ही, वो भी पूरी तरह गर्म कपड़ों में लिपटकर। सड़कों के किनारे कई जगहों पर अलाव की व्यवस्था लोगों ने की। रास्ते से गुजरने वाले पैदल, साइकिल एवं बाइक सवार लोग कुछ पल रुक कर अलाव सेंकते नजर आए।घने कोहरे की वजह से ट्रेनों के संचालन पर काफी असर दिखा। अहमदाबाद से वाराणसी तक जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन सुबह आठ बजे के बजाय दोपहर एक बजे पहुंची। बरेली-भुज एक्सप्रेस ट्रेन रद कर दी गई। बताया जाता कि कई राज्यों में कोहरे का कहर कई दिनों से जारी है। इस वजह से बरेली से भुज तक जाने वाली ट्रेन जो शनिवार डेढ़ बजे गुरुग्राम पहुंचने वाली थी, वह रविवार सुबह दस बजे पहुंची। गुरुग्राम रेलवे स्टेशन के अधीक्षक एसएल मीणा ने बताया कि कोहरे की वजह से अधिकतर ट्रेनें निर्धारित समय से अधिक देरी से चल रही हैं। चालकों को स्टेशन आने का पता चल जाए इसके लिए पटाखे छोड़ने की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।

रविवार छुट्टी का दिन होने की वजह से घने कोहरे के दौरान किसी भी सड़क पर ट्रैफिक का दबाव काफी कम था। घने कोहरे के दौरान चालकों ने सावधानी भी बरती। इस वजह से कहीं भी हादसा नहीं हुआ। कोहरे के दौरान ट्रैफिक पुलिस की सक्रियता और बढ़ाई जाएगी।