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गैस से भरा टैंकर पलटने से एक की मौत, तीन घायल

गुरुग्राम: बादशाहपुर से आगे गांव धूमसपुर के नजदीक जेल रोड पर शनिवार रात एलपीजी से भरा टैंकर पलट गया। इसकी चपेट में आने से एक शख्स की मौके पर ही मौत हो गई जबकि तीन लोग घायल हो गए। घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। सूचना मिलते ही बादशाहपुर थाना पुलिस एवं बॉट¨लग प्लांट के अधिकारी व कर्मचारियों ने 15 मिनट के भीतर मोर्चा संभाला। गनीमत रही कि गैस का रिसाव नहीं हुआ, अन्यथा बहुत बड़ा हादसा हो सकता था।

गांव नयागांव के नजदीक जेल रोड पर इंडियन ऑयल कंपनी का बॉट¨लग प्लांट है प्लांट से मथुरा स्थित रिफाइनरी से पाइप के माध्यम से भी एवं टैंकर के माध्यम से भी गैस आती है। शनिवार रात टैंकर से गैस लाई जा रही थी। गांव घूमसपुर के नजदीक पहुंचते ही टैंकर असंतुलित हो गया। बेकाबू टैंकर पास में स्थित वेयरहाउस की दीवार को तोड़ते हुए पलट गया। वेयरहाउस की दीवार के साथ बने केबिन में नूंह जिले के रोजका मेव निवासी गार्ड इमरत, सोहना के गांव दौला निवासी राजकुमार, बादशाहपुर के गांव टिकली निवासी महेश एवं नया गांव निवासी संजय बैठे थे। इमरत सीधे टैंकर की चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बाकी बचते-बचते भी चपेट में आ गए।

सूचना मिलते ही बॉट¨लग प्लांट के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने आसपास घेराबंदी कर दी। सबसे पहले जांच की गई कि कहीं रिसाव तो नहीं हो रहा है। काफी देर तक जांच करने के बाद जब यह पता चला कि रिसाव नहीं हुआ फिर सभी को जान में जान आई। जांच के बाद टैंकर को प्लांट में ले जाकर तत्काल खाली किया गया। बता दें कि बॉट¨लग प्लांट में प्रतिदिन लगभग 20 हजार गैस सिलेंडरों को भरा जाता है। एक टैंकर में 500 से अधिक सिलेंडर को भरने के बराबर गैस लाई जाती है। बताया जाता है कि टैंकर की चादर इतनी मजबूत होती है कि धमाका होने पर भी फटने का अंदेशा कम है लेकिन पलटने पर गैस रिसाव होने का अंदेशा रहता है।

टैंकर पलटते ही चालक फरार

टैंकर पलटने के बाद चालक प्लांट में सूचना देने की बजाय फरार हो गया। नियम है कि इस तरह की स्थिति पैदा होने पर चालक तत्काल सूचना आगे देगा ताकि जल्द से जल्द राहत कार्य शुरू किया जा सके। बादशाहपुर थाना पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। जांच अधिकारी ने बताया कि टैंकर कैसे पलटा, इस बारे में जल्द ही पूरी सच्चाई सामने लाई जाएगी।

कई इलाकों की बिजली गुल

टैंकर की चपेट में आने से बिजली की लाइनें भी टूट गईं थीं। इस वजह से शनिवार रात सीआरपीएफ फीडर, जेल फीडर, बीएसएफ फीडर सहित कई फीडरों की बिजली आपूर्ति प्रभावित रही। हालांकि बिजली निगमों के अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए कुछ ही घंटे बाद स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया।