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इंसानियत से जीया गया जीवन का हर दिन ही नया साल : टेकचंद

 यमुनानगर : संत निरंकारी सत्संग भवन में रविवार को साप्ताहिक सत्संग का आयोजन किया गया। शुरूआत पावन अवतारवाणी के शब्द गायन से हुई। सत्संग की अध्यक्षता जोनल इंचार्ज टेक चंद व मंच संचालन जगजीत बांगा ने किया।

टेक चंद ने कहा कि हम जिस धर्म को मानते है। वह कही केवल बाहर की सजावटों बाहर की बनावटों अथवा बाहर के पदार्थो तक ही तो सीमित नहीं। वास्तव में धर्म तो एक ही होता है। वह होता है मानवता का धर्म या मानव धर्म।

प्रभु परमात्मा को जानकार हर एक इंसान के साथ प्यार करना ही वास्तविक धर्म है। दातार ने हमें जो सोझी दी है, उसे हमने इस ढंग से इस्तेमाल करना है कि तंग दायरों से बाहर निकल कर विशालता को अपनाना है। हमने जाति पाति को महत्ता नहीं देनी। हमारी जाति केवल इंसान है मानव है। शरीर के रंग तो अलग-अलग हो सकते है, लेकिन सभी एक ही मिट्टी से बने है आज यहां से यही आवाजें बुलंद की जा रही है कि चारों ओर शांति हो सुकून हो। भक्त सदैव परमार्थ के मार्ग पर चलने की प्ररेणा देते है। जो जीवन इंसानियत से युक्त होकर जीया जाता है वही मुबारक होता है।

नव वर्ष 2018 के लिए सारे संसार के लिए निरंकार दातार के चरणों में मंगल कामना की और कहा कि नया साल सबके लिए नई आशाएं, नई उंमगे और नई उम्मीदे लेकर आए व इंसान इस नफरत की दीवारों को गिरा कर एक प्यार से युक्त जीवन जीए। इस अवसर पर अनेक वक्ताओं ने अपने विचारों, गीतों व कविताओं के माध्यम से मिशन का सत्य संदेश दिया व भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने सत्संग में भाग लिया।