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पीने का पानी और पक्की गलियों के लिए तरसे लोग

कलानौर : वार्ड एक के निवासियों को पिछले 30 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहना पड़ रहा है। जिस कारण वार्डवासियों को नरकीय जीवन जीने पर विवश होना पड़ रहा है। वार्ड वासियों का कहना है कि वार्ड के अंदर ना तो पेयजल की व्यवस्था है ना ही अभी तक पानी की निकासी के लिए सीवर लाइन बिछाई गई है। सड़कों के नाम पर कच्ची गलियां यहां रहने वाले व आने वाले लोगों को छह दशक पहले की कहानी बयां कर रही है। ऐसे में लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है।

वार्ड नंबर एक के अंदर पहुंचने के लिए रास्ते की भी कोई व्यवस्था नहीं है। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों को तो और भी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। सुबह स्टेशन पर कई बार सवारी गाड़ी और मालगाड़ी खड़ी मिलती है जिस कारण स्कूली बच्चों को ट्रेन के नीचे से ही निकलना पड़ता है जिसके चलते अनहोनी की आशंका बनी रहती है। चुनावों के दौरान सभी पार्टियों के नेता वोट मांगने के लिए तो पहुंच जाते हैं लेकिन उसके बाद कोई भी नेता इधर आने की जहमत नहीं करता। अब तो वार्डवासियों का नेताओं से भी भरोसा उठ गया है। इस बारे में लोगों से बातचीत की तो उन्होंने अपनी समस्याओं को बताया।

वार्ड में पहुंचने के लिए रेलवे ट्रैक ही एकमात्र रास्ता है। बारिश के मौसम में तो यहां इतना पानी भर जाता है कि ट्रैक वाले रास्ते के नीचे कच्ची जगह पर पानी भर जाता है जिसकारण कलानौर में काम या खरीदारी करने के लिए पांच किलोमीटर का सफर तय करके जाना पड़ता है।

पांच साल पहले वार्डबंदी के दौरान नगरपालिका में शामिल किए जाने के बाद हमें उम्मीद थी कि हमारी समस्याओं का समाधान होगा लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।हमने कई बार नपा अधिकारियों व प्रशासन तक अपनी समस्या पहुंचाई है लेकिन हमारी समस्या सुनने के बाद सिवाय आश्वासन के हमें कुछ नही मिला।