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2017 में रेलवे को मिले तीन प्रोजेक्ट और एक ट्रेन

रोहतक : वर्ष 2017 में रेलवे को कई नए प्रोजेक्ट मिले तो पुराने प्रोजेक्ट की भी शुरुआत हुई। वहीं, पूरे साल में हरियाणा रोडवेज में हड़ताल ही हावी रही। रेलवे विभाग में जहां रोहतक से होकर हरिद्वार जाने के लिए एक नई ट्रेन की सौगात मिलीं, वहीं रोडवेज में डिपो को एक भी नई बस नहीं मिली जबकि परिवहन मंत्री दावे करते रहे कि मई 2017 में करीब तीन सौ बसें मिलेंगी। रेलवे में जहां तत्कालीन रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने खुद ही कई प्रोजेक्ट को शुरू करने की बात कह गए थे वहीं परिवहन मंत्री के दावे हवा-हवाई साबित हुए।

रेलवे में 2017 में रोहतक-जींद ट्रैक इलेक्ट्रिक हो गया। इस पर रेलवे के सुरक्षा अधिकारी की जांच के बाद ही मालगाड़ी का संचालन शुरू हुआ। इसके अतिरिक्त, हाल ही में रेवाड़ी-रोहतक ट्रैक को भी इलेक्ट्रिक करने के लिए काम शुरू हो गया। वहीं, महम-हांसी रेल लाइन को बनाने के लिए भी महम इलाके में काम शुरू हो गया। रेलवे और राज्य सरकार की ओर से एलीवेटेड ट्रैक को भी काम करने के प्रयास तेज हुए। प्रोजेक्ट शुरू करने के अलावा ही 2017 में रेलवे की ओर से एक बहुप्रतीक्षित ट्रेन का संचालन भी शुरू हुआ। रोहतकवासियों की मांग पर रेलवे ने हिसार से हरिद्वार वाया रोहतक के लिए ट्रेन का संचालन शुरू किया। यह ट्रेन सप्ताह में दो दिन और बीकानेर से हरिद्वार वाया रोहतक के लिए सप्ताह में एक दिन ट्रेन का संचालन शुरू हुआ।

रोडवेज में कर्मचारियों की हड़ताल ही हावी रही। इसमें कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लिए रोडवेज को जहां पहली बार तीन दिन तक तो वहीं दूसरी बार एक दिवसीय हड़ताल की। मार्च-अप्रैल में ही परिवहन मंत्री ने मई में तीन सौ बसों को बेड़े में शामिल करने का दावा किया था। लेकिन अब साल बीतने को है और बेड़े में एक भी नई बस नहीं शामिल हुई। हालांकि हरियाणा राज्य परिवहन के महा प्रबंधक ने वैष्णो देवी और हरिद्वार के लिए जाने वाली बसों के संख्या के फेरों में वृद्धि की थी।