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पूजा करते समय स्टोर में रखे सिलेंडर ने पकड़ी आग,

अंबाला शहर : पूजा के समय स्टोर में रखे गैस सिलेंडर ने आग पकड़ ली। मकान मालिक गोपाल से सिलेंडर में लगी आग को पहले बुझाने का प्रयास किया लेकिन जब आग बुझती नजर नहीं आई तो उसने तुरंत घर में सो रहे सभी सदस्यों को जगाकर घर से बाहर निकालकर पुलिस कंट्रोल रूम में जानकारी दी। जहां से दमकल विभाग के पास सूचना पहुंची और दमकल विभाग की टीम करीब 6:10 पर मौके पर पहुंची तब तक सिलेंडर फट चुका था, लेकिन समय रहते दमकल विभाग की टीम के पहुंचने के चलते आग पर एक घंटे के भीतर काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि हादसे में कोई जानी नुकसान होने से टल गया।

जानकारी के अनुसार गो¨बद बिहार में मकान नंबर 233/273 में रहने वाला गोपाल सुबह करीब 5 बजकर 45 मिनट पर पूजा करने लगा था। स्टोर रूम में ही मंदिर बनाया गया था। मंदिर से कुछ ही दूरी पर घर में सिलेंडर भी रखा था। जैसे ही गोपाल ने मंदिर में दीया जलाने के लिए माचिस की तिल्ली जलाई तो स्टोर में पहले से लीक सिलेंडर ने तुरंत आग पकड़ ली। आग बुझाने के प्रयास किए लेकिन बुझी नहीं। इस पर गोपाल ने सावधानी बरतते हुए पहले घर में सो रहे सभी छह सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाला और पुलिस कंट्रोल रूम में सूचना दी। पुलिस कंट्रोल रूम से दमकल विभाग के पास सूचना करीब 5:55 मिनट पर पहुंची और 6:10 मिनट पर दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर पहुंच गई। आग को बुझाने में फायरमैन स¨लद्र ¨सह, सु¨वद्र व बच्चन के साथ-साथ ड्राइवर राजेश ने भी सहयोग किया।

एक्टिवा सहित 20 ¨क्वटल अनाज व अन्य सामान जलकर राख

आगजनी में घर में खड़ी एक्टिवा के साथ-साथ 10 ¨क्वटल धान, 10 ¨क्वटल गेहूं भी जलकर राख हो गई। इसके साथ-साथ घर में रखा सारा सामान आग की भेंट चढ़ गया। बता दें कि सिलेंडर फटने पर गैस एजेंसी से मुआवजा लिया जा सकता है। यदि सुरक्षा के सभी मापदंड उपभोक्ता से पूरे किए हों। मुआवजा दुर्घटना की स्थिति पर निर्भर करता है।

50 लाख तक के मुआवजे का प्रावधान

मृत्यु पर 50 लाख अधिकतम और इसके अलावा 40 लाख तक का क्लेम किया जा सकता है। इसके लिए उसी पते पर सिलेंडर फटने से दुर्घटना होना जरूरी है। उपभोक्ता दुर्घटना के समय रेगुलेटर व अन्य सामान संबंधित एजेंसी का ही इस्तेमाल कर रहा हो और वह आइएसआइ मार्का हो। बाजार से खरीदा गया सामान इस्तेमाल करने पर बीमे का लाभ नहीं मिलेगा। बीमा राशि लेने के लिए दुर्घटना के बाद गैस एजेंसी और पुलिस को तुरंत सूचित करना होता है। इसके बाद गैस एजेंसी संबंधित बीमा कंपनी को सूचित कर देती है। बीमा कंपनी का कर्मचारी दुर्घटनास्थल पर जाकर नुकसान का आंकलन करने के बाद बीमा कंपनी को रिपोर्ट बनाकर देता है। गैस एजेंसी से मुआवजा क्लेम करने के लिए उपभोक्ता की ओर से एलपीजी कनेक्शन जिस पते पर लिया गया है।