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हिंदी में हो सकेगी इंजीनियरिंग डिप्लोमा की पढ़ाई: प्रो चौहान

फ़रीदाबाद। इंजीनियरिंग में डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थियों को जल्द हरियाणा  तकनीकी शिक्षा बोर्ड के पाठ्यक्रम के अनुरूप हिंदी में पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध हो सकेंगी । केंद्रीय तकनीकी शब्दावली आयोग की मदद से हरियाणा ग्रंथ अकादमी ने  हिंदी तकनीकी शिक्षा की पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराने का बीड़ा उठाया है। हरियाणा ग्रंथ अकादमी के निदेशक प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह चौहान ने सिलसिले में अनियमितता विश्राम गृह में आयोजित एक समीक्षा बैठक के बाद इस आशय की जानकारी दी।  बैठक में तकनीकी शिक्षा की पुस्तकों के लेखन के  अब तक के कार्य की समीक्षा की गई और निर्णय लिया गया अगले शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ  से पूर्व पहले सेमेस्टर में उपयोग आने वाली विभिन्न विषयों की पुस्तकें प्रकाशित कर विद्यार्थियों को उपलब्ध करवा दी जाएं।
 हरियाणा ग्रंथ अकादमी के उपाध्यक्ष एवं निदेशक वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान में विद्यार्थियों के पास हिंदी में इंजीनियरिंग डिप्लोमा की पढ़ाई करने का विकल्प मौजूद है। केंद्र और राज्य सरकार राजभाषा हिंदी में पठन पाठन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इसलिए उच्च शिक्षा के क्षेत्र में स्तरीय हिंदी पुस्तकें उपलब्ध कराने के लिए देशभर की ग्रंथ अकादमी यों को अलग-अलग कार्य सौंपा गया है।  इस योजना के तहत हरियाणा ग्रंथ अकादमी इंजीनियरिंग डिप्लोमा के विद्यार्थियों के लिए पाठ्यपुस्तके तैयार करवा रही है। उन्होंने कहा की पाठ्यपुस्तकों के लेखन का कार्य अनुभवी और सिद्धहस्त लेखकों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने बताया कि पुस्तकों का लेखन हरियाणा राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड  की पाठ्यक्रम को ध्यान में रखकर कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि  बैठक पुस्तक लेखन से जुड़े विभिन्न आयामों पर खुलकर चर्चा हुई और निर्णय लिया गया कि इस कार्य में हरियाणा राज्य तकनीकी शिक्षा बोर्ड के आला अधिकारियों और  विशेषज्ञों के साथ भी तालमेल कायम किया जाए।
 इससे पूर्व लेखकों से संवाद करते हुए वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि अकादमी की सभी नई पुस्तकों को विभिन्न डिजिटल फॉर्मेट ईबुक के स्वरुप में विद्यार्थियों और पाठकों को उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि हिंदी के प्रति विद्यार्थियों को शिक्षा प्रबंधकों के गौरव और आत्म सम्मान का भाव पैदा करने के लिए अकादमी द्वारा विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों और गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इस अवसर पर निर्णय लिया गया कि जनवरी में नई दिल्ली में आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले के अवसर पर हिंदी में तकनीकी शिक्षा विषय पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की जाए और इसके लिए हरियाणा ग्रंथ अकादमी के सदस्य डॉक्टर वेद व्यथित को गोष्टी संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई। इस अवसर पर आर सी जैन , डॉक्टर बीना सेठी , सुरेखा जैन , जी ऐस लवानिया , डॉक्टर पुष्पेंद्र शर्मा , शैलेंद्र शर्मा और प्रेमलता समनोल आदि मौजूद थे ।