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अवैध बस स्टॉपेज बने प्रशासन के लिए नासूर

पिपली : राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध बस स्टॉपेज व सड़कों पर अतिक्रमण प्रशासन के लिए नासूर बना हुआ है। प्रशासन के लिए अवैध बस स्टॉपिज को बंद करवाना मुश्किल बना हुआ है। वीआइपी के आगमन पर भले ही कुछ घंटों के लिए इससे राहत मिले, मगर वीआईपी जाने के बाद से फिर से यह सिलसला शुरू हो जाता है। दूसरी ओर लाडवा रोड पर प्राइवेट बसों के जमाव के चलते स्थिति बेकाबू हो रही है। यातायात पुलिस के लिए व्यवस्था पर काबू पाना कठिन काम बन गया है।

पिपली में अवैध बस स्टॉपेज हादसों को निमंत्रण दे रहे है। बेतरतीब वाहन और बसों के चालक आपाधापी में एक दूसरे से आगे निकलने की कोशिश में लगे रहते है, जिससे रोजाना कई घंटे का जाम लगता है। जाम में फंसने से लोगों व यात्रियों को मुश्किलों से जूझना पड़ता है। लाडवा रोड, करनाल रोड व अंबाला रोड पर कई अवैध बस स्टॉपिज बने हुए है। जहां से परिवहन बसों के चालक यात्रियों को बैठाने व उतारने का काम करते हैं। इतना ही नहीं यात्री बैठाने की जल्दी में बस चालक बेतरतीब ढंग से बसों को एक दूसरे के आगे अड़ा देते हैं। इससे सारी व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालांकि प्रशासन द्वारा बस चालकों पर अंकुश लगाने के लिए यातायात पुलिस कर्मी नियुक्त किए है। पुलिस द्वारा रोके जाने पर बस चालक झगड़ा करने पर उतारू हो जाते है। पिछले दिनों एक बस चालक की धीगांमस्ती के चलते सड़क पर कई घंटे जाम लग गया था। इस प्रकार के झगड़े होना आम बात है। कुछ दिन पहले उप पुलिस अधीक्षक तान्या ¨सह ने पिपली चौक पर अवैध रूप से बसें खड़े करने वाले कई चालकों के चालान किए थे। लेकिन अब भी चालकों द्वारा नियमों की अनदेखी करना बदस्तूर जारी है।

यातायात प्रभारी देवेंद्र कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि कई यातायात कर्मी चौक पर तैनात किए गए है। बस चालक नियमों की अनदेखी कर मनमर्जी करते है। कई बस चालकों के चालान भी किए गए है। शीघ्र ही पुलिस द्वारा अवैध बस स्टॉपिज को समाप्त करने के लिए अभियान चलाया जाएगा जो बस चालक निर्धारित बस स्टॉपिज के बिना बस रोकेगा तो उनके चालान किए जाएंगे।