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मोल की बहू की चाहत में लुट रहे कुंआरे

 जींद शादी के नाम पर अविवाहित युवाओं से ठगी की घटना ने समाज में बढ़ रही कुरीति पर सबकी आंखें खोल दी हैं। बेटियों की लगातार कम हो रही संख्या के कारण अब दूसरे प्रदेशों से बहुएं मोल खरीदकर लाई जा रही हैं। दुल्हन लाने के फेर में युवा लूट का शिकार भी बन रहे हैं।

सोनीपत के खरखौदा में शादी कराने के नाम पर 35 युवाओं से ठगी के बाद हर गांव की चौपाल और बुजुर्गों के बीच इसी पर चर्चा हो रही है। ठगी का शिकार हुए युवाओं में 14 जींद के भी थे। बुजुर्गों का कहना है कि अब घर में बेटियां पैदा करके कोई खुश नहीं है, ऐसे में मोल की बहू ही लानी पड़ेगी। दैनिक जागरण ने जिले के कई गांवों के मौजिज लोगों और सरपंचों से बात की तो आंखें खोल देने वाले खुलासे हुए। कई गांव ऐसे हैं, जहां 30 साल से ऊपर के कुंआरे युवाओं की संख्या सैकड़ों में हैं। इसके पीछे बुजुर्ग बड़ा कारण नई पीढ़ी के युवाओं के हिस्से जमीन का कम होना, बेरोजगारी का लगातार बढ़ना, लड़कियों की कमी होना मान रहे हैं। गांव ईंटल कलां के बुजुर्ग दलीप ¨सह कहते हैं कि आज हर व्यक्ति अपनी बेटी का रिश्ता नौकरी लगे हुए या अच्छी जमीन वाले युवक से करना चाहता है। चाहे इसके लिए बेटी का रिश्ता कितना ही दूर करना पड़े। कुनबा बढ़ने के कारण एक या दो एकड़ जमीन रह गई है। गांवों के बच्चों को नौकरी मिलती नहीं है। इसी कारण हर गांव में कुंआरों की टोलियां बढ़ रही हैं। जींद के गांव नगूरां, बधाना, शामलो कलां, हाट, रूपगढ़, रधाना समेत कई गांवों में बिहार, झारखंड से बहुएं लाई गई हैं। इनमें से ज्यादातर बहुएं मोल की लाई हुई हैं।

--चुनाव में उठ चुका है मुद्दा:

गांव में कुंआरे युवाओं की बढ़ती संख्या चुनाव में भी बड़ा मुद्दा बन चुका है। सत्ता के हिस्सेदार एक नेता ने विपक्ष में रहते हुए कहा था कि उनकी सरकार बनने पर ऐसी व्यवस्था करेंगे कि बिहार से बहू लाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। उन्होंने बिहार के बड़े नेता का नाम लेते हुए कहा था कि वह उनके अच्छे दोस्त हैं। सत्ता में आने पर ढंग से शादी करवा देंगे। इस पर खासा बवाल भी हुआ था।

--कुंआरे ने बनाई थी रांडा यूनियन

गांवों में युवाओं की शादियां कम होने से परेशान जिले के एक गांव के युवाओं ने बीते लोकसभा चुनाव से पहले रांडा यूनियन का भी गठन कर लिया था। इन युवाओं ने कह दिया था कि वे उसी नेता को वोट देंगे, जो उनकी शादी कराएगा। यही नहीं, इन कुंआरों ने एक नारा भी दिया था.. बहू दो वोट लो।

--अशरफगढ़ के युवक ने 1 लाख में खरीदी थी

जींद के गांव अशरफगढ़ के रमेश ने झारखंड के धोवादंगल गांव की 13 वर्षीय किशोरी को एक लाख रुपये में खरीदा था। करीब साढ़े चार माह पहले किशोरी को उसका मौसेरा भाई विकास, उसका दोस्त कमल और सुरेंद्र गांव से बहला फुसलाकर पानीपत ले आए थे। इसके बाद उसकी रमेश के साथ जबरन शादी करवा दी। पीड़िता ने किसी तरह वहां से भागकर पानीपत में रिश्तेदारों को सूचना दी। पुलिस ने रमेश समेत अन्य आरोपियों पर मानव तस्करी का मामला दर्ज कर रमेश को काबू कर लिया है।

¨लगानुपात में अब हो रहा सुधार

लड़कियों की लगातार कम होती संख्या को रोकने के लिए सरकार खूब प्रयास कर रही है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, बावजूद इसके समाज की सोच में बहुत ज्यादा परिवर्तन नहीं आया है। हालांकि आशा की छोटी किरण जरूर जागी है। जींद में वर्ष 2014 में प्रति हजार लड़कों पर 863 लड़कियां थीं, जो वर्ष 2015 में 857, 2016 में 900 और 2017 में 897 तक पहुंच गया। वहीं, प्रदेश में दिसंबर 2013 में प्रति हजार लड़कों पर 868 लड़कियां थी, अप्रैल 2017 तक इनकी संख्या 926 तक पहुंच गई।