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2018 के स्वागत की तैयारी, पुलिस भी अलर्ट

नव वर्ष 2018 के स्वागत के लिए शहर सज रहा है। होटलों व रेस्टोरेटों में तैयारियां शुरू हो गई है। बीत रहे वर्ष की विदाई और मस्ती के बीच नव वर्ष का स्वागत करने के लिए कार्यक्रम बनाए जा रहे है। पारिवारिक स्तर पर ही नहीं बल्कि दोस्तों के बीच भी यह तय हो रहा है कि कैसे नव वर्ष मनाया जाए। इधर, पुलिस भी अलर्ट हो गई है।

शहर के होटलों व रेस्टोरेटों में अब तैयारियां जोर पकड़ रही है। उन्हे आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। नव वर्ष के समय उमड़ने वाली भीड़ को मद्देनजर रखकर ही होटल मालिक व संचालक प्रबंधों में जुटे है। वैसे तो इन स्थानों पर हर रोज ही भीड़ उमड़ती है लेकिन पिछले कुछ वर्षो से नव वर्ष के स्वागत की मस्ती अलग ही रंग ले रही है। घर से बाहर पार्टी के बीच नए वर्ष का स्वागत करने के बढ़ते चलन से अब हर बार शहर में ऐसे आयोजनों की धूम रहती है। इसी स्थिति को भांपकर ही कई दिन पहले से तैयारियां शुरू हो गई है। गजराज होटल के मालिक गजराज सिंह ने बताया कि नव वर्ष पर हर बार पारिवारिक और दोस्तों की पार्टियां आयोजित होती है स्वाभाविक है कि इस बार भी नव वर्ष पर ऐसा ही कुछ होगा। इसके लिए कोई कमी नहीं रखी जाएगी। नव वर्ष के स्वागत की तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

दोस्तों के बीच बन रहे कार्यक्रम :

नव वर्ष की मस्ती का खुमार हर बार ही सिर चढ़कर बोलता है। इसलिए युवा तबके ने इस बार भी नव वर्ष के लिए अच्छे खासे कार्यक्रम बनाए है। सेक्टर-छह निवासी कुनाल, हाउसिंग बोर्ड कालोनी निवासी प्रतीक ने बताया कि वे अपने दोस्तों के साथ मिलकर नए वर्ष की पार्टियां मनाएंगे। डीजे की धुन पर खूब डांस होगा। नया वर्ष सभी के लिए मंगलमय हो इसकी भी कामना की जाएगी।

जोश के साथ होश में करे नव वर्ष का स्वागत

नए साल पर की गई मस्ती में थोड़ी सी लापरवाही रंग में भंग डाल सकती है। नव वर्ष का स्वागत तो दिल खोलकर करे, लेकिन बेहिसाब शराब, शरीर पर कम कपड़े और कान फोड़ यूजिक से परहेज ही बेहतर रहेगा। इस बार नए साल के स्वागत पर मस्ती को लेकर क्रेज खूब दिख रहा है। नए साल के स्वागत में होटल, रेस्टोरेट, फार्म हाउस आदि जगहों पर कुछ तैयारियां जारी है। प्रबल संभावना है कि ऐसे कार्यक्रमों में लजीज खाने व डीजे की मस्ती के साथ ही शराब का दौर भी चलेगा। मस्ती में होश खोकर पीयी गई शराब रंग में भंग डाल सकती है। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण कुमार जाखड़ का कहना है कि शराब के नशे में लोग तेज आवाज में बजने वाले गीतों पर डांस करते है। म्यूजिक की कान फोड़ आवाज लोगों को अस्थायी रूप से बहरा कर सकती है। अधिकतम आवाज 60 से 70 डेसीबल होनी चाहिए। मस्ती में सब भूलकर लोग 100 से अधिक डेसीबल आवाज पर डांस करते है। जो सही नही है। छोटे बच्चों को तेज आवाज पर बजने वाले गीतों से दूर रखना चाहिए।

वर्जन..

शहर में ऐसी तमाम जगह चिन्हित कर ली गई है, जहां पर नव वर्ष के स्वागत की संभावना है। उन सभी पर नजर रहेगी। किसी तरह की अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस सजग है। इसके साथ ही लॉ एंड आर्डर मेनटेन रखना प्राथमिकता रहेगी।