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आस के साथ निराश हो रहे आशियाने के सपने

यमुनानगर : प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंदों को निराश कर रही है। घर बनाने के लिए किसी को बजट का इंतजार है तो कोई मंजूरी पत्र लेकर अधिकारियों के आगे-पीछे घूम रहा है। ट्विन सिटी में 22.77 करोड़ रुपये की लागत से 759 मकान बनवाए जाने हैं, लेकिन अभी केवल छह पात्रों ने ही काम शुरू किया है। अगली किश्त न मिलने के कारण उनका काम भी अधर में लटका पड़ा है। वर्ष-2017 में पीएमएवाई जरूरतमंदों के लिए उम्मीद बनकर आई, लेकिन इस वर्ष में गरीब का यह सपना पूरा नहीं हुआ।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 600 पात्रों का मकान का काम शुरू करने के लिए स्वीकृति पत्र जारी कर दिए हैं। लेकिन काम शुरू करवाने के लिए सभी को पैसे नहीं दिए जा रहे हैं। पैसा तीन किश्तों में जारी किया जाना है। किश्त के पैसे लेने की प्रक्रिया भी लंबी है जिसमें पात्र बुरी तरह उलझे हुए हैं। कभी अधिकारी सीट पर नहीं मिलते तो कभी व्यस्तता का हवाला देकर पात्रों को टरका दिया जाता है।

वार्ड नंबर-14 से पार्षद निर्मल चौहान का कहना है कि जम्मु कॉलोनी में 79 घर पीएमएवाई के तहत बनवाए जाने हैं, लेकिन अभी तक केवल 6 पात्रों को ही पहली किश्त मिली है। दूसरी किश्त न मिलने के कारण मकान अधर में लटके पड़े हैं। पात्रों ने नए मकान की आस में पुराने तोड़ दिए। अधिकारियो की लापरवाही के कारण यह लोग अब घर से बेघर हो गए हैं। उनका कहना है कि 11 कॉलोनियों में से अभी तक उनकी कॉलोनी के ही छह पात्रों ने काम शुरू किया है।