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पिछड़ा वर्ग आयोग से जातिगत आंकड़ों को दुरुस्त करने की उठाई मांग

कुरुक्षेत्र : प्रदेश सरकार की ओर से सभी जातियों को लेकर प्रस्तुत किए गए आंकड़ों में पिछड़ा वर्ग के आंकड़ों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराने हेतु पिछड़ा वर्ग-ए वेल्फेयर सभा के पदाधिकारियों ने हरियाणा पिछड़ा आयोग के चेयरमैन एसएन अग्रवाल से मुलाकात की। सभा के संरक्षक जीताराम पाल, प्रदेशाध्यक्ष शमशेर कश्यप, महासचिव वीरभान जांगड़ा, संगठन सचिव सतबीर ¨सह प्रजापति, प्रचार सचिव अशोक भट्ट ने चेयरमैन को सौंपे ज्ञापन में कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की सीडब्ल्यूपी नंबर 9931ओ एंड एम मुरारीलाल गुप्ता बनाम हरियाणा प्रदेश के निर्देशानुसार सरकारी कर्मचारियों व अधिकारियों के जो जातिगत आंकड़े जाट एवं अन्य पांच जातियों को पिछड़ा वर्ग में 14 दिसम्बर 2017 द्वारा जारी किए गए हैं। उन पर पिछड़ा वर्ग-ए वेल्फेयर सभा द्वारा आपत्तियां व एतराज दर्ज कराते हुए आयोग को इन पर गंभीरता पूर्वक विचार करने की मांग की गई।

सभा के संरक्षक जीतराम पाल एवं प्रदेशाध्यक्ष शमशेर कश्यप ने बताया कि दर्शाए गए जातिगत सरकारी आंकड़ों से ये स्पष्ट नहीं हो रहा है कि इन आंकड़ों में विश्वविद्यालयों, निगम, बोर्ड, कॉरपोरेशन, स्थानीय निकाय व सरकार द्वारा अनुदान प्राप्त स्कूल, कॉलेज व अन्य विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को इस जातिगत संख्या में शामिल किया गया है या नहीं। अगर नहीं किया गया तो ये न्यायसंगत नहीं है तथा ये पिछड़ा वर्ग के हितों के विरुद्ध घोर अन्याय है। उन्होंने आयोग से मांग की कि वे इस बात को सुनिश्चित करने की व्यवस्था करे कि जिन विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के जातिगत आंकड़े अब तक उपलब्ध नहीं हुए हैं, उन्हें शीघ्र प्राप्त करके सर्वेक्षण में शामिल किया जाए। साथ ही जिन अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपनी जाति का उल्लेख अभी तक नहीं किया है, उनके विरुद्ध कठोर, अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए आंकड़े प्राप्त करके उन्हें भी सर्वेक्षण में जोड़ा जाए।

शमशेर कश्यप ने आयोग के चेयरमैन एसएन अग्रवाल से मांग की कि अनुबंधिक आधार, आउटसोर्सिग 1-2 पॉलिसी, डीसी रेट, अतिथि अध्यापक पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के जातिगत आंकड़े भी इस सर्वेक्षण में शामिल किए जाएं। साथ ही आरक्षण के प्रावधान की सही स्थिति-गणना सुनिश्चित करने हेतु जाट सहित सभी जातियों की की गई जातीय जनगणना 2011 के आंकड़ों को सार्वजनिक किया जाए ताकि सही आंकलन किया जा सके। इस अवसर पर आयोग के सदस्य रमेश पाल, अशोक माजरा, रिताम्बरा सांगी मौजूद थे।