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राजौंद का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीमार

राजौंद : नगर के सरकारी अस्पताल को भले ही पीएचसी से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिल चुका है। इसके बाद भी लोगों को सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का मुख्य द्वार भी नहीं है। चार डॉक्टर व एक महिला डॉक्टर, तीन रेगुलर स्टाफ नर्स का पद खाली पड़ा है। रोजाना करीब 200 से 300 ओपीडी होती हैं। महिला प्रसूति के भी दो से चार केस आते हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। लोगों का इलाज करने वाला सामुदायिक केंद्र अब खुद ही बीमार हो गया है। राजौंद ब्लाक की आबादी डेढ़ लाख के करीब है, जिसमें किठाना पीएचसी, जाखौली पीएचसी व करोड़ा पीएचसी भी आते है। किठाना पीएचसी में भी कोई डॉक्टर नियुक्त नहीं है। किठाना के ग्रामीणों को इलाज के लिए शहर जाना पड़ता है। अस्पताल में महिला डॉक्टर के न होने से महिलाओं को भारी परेशानी हो रही है। नागरिक नरेंद्र, शीशपाल, महेंद्र, मनोज, रोशन, सुमित, किरणपाल, रामकुमार ने बताया कि सरकार की योजनाएं कागजों तक ही सिमट कर रह गई है। स्वास्थ्य केंद्र में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था न होने से क्षेत्र के ग्रामीण मरीजों को लंबे समय से परेशान होना पड़ रहा है। एक्सरे मशीन भी एक साल से बंद पड़ी है।

वर्जन

स्वास्थ्य केंद्र में केवल दो डॉक्टर हैं और 200 से 300 की प्रतिदिन की ओपीडी हैं। महिला चिकित्सक, तीन रेगुलर स्टाफ नर्स के साथ एक्सरे रोडियोग्राफर नहीं है। इस बारे में विभाग के उच्चाधिकारियों को लिखा गया है।