# पाक PM के आरोप पर भारत का पलटवार-टेररिस्तान है पाकिस्तान         # मोदी का वाराणसी दौरा आज, 305 करोड़ से बने ट्रेड सेंटर का करेंगे इनॉगरेशन         # समुद्र में बढ़ेगा भारत का दबदबा, पहली स्कॉर्पिन पनडुब्बी तैयार         # रोहिंग्या विवाद के बीच म्यांमार को सैन्य साजो-सामान दे सकता है भारत         # चीन में सोशल मीडिया पर इस्लाम विरोधी शब्दों के प्रयोग पर लगी रोक         # परवेज मुशर्रफ का दावा-बेनजीर की हत्या के लिए उनके पति जरदारी जिम्मेदार          # भारत ने अफगानिस्तान में 116 सामुदायिक विकास परियोजनाओं की ली जिम्मेदारी         # जम्मू-कश्मीर में दो आतंकी गिरफ्तार, सशस्त्र सीमाबल पर किया था हमला        
News Description
ओटू फीडर में सफाई करवाने वाले ठेकेदार के बिल रोकने के आदेश

जागरण संवाददाता, सिरसा : मंडल आयुक्त राजीव रंजन बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रबंधों का जायजा लेने पहुंचे। मंडल आयुक्त के समक्ष ढाणी 400 के पूर्व सरपंच ने ओटू फीडर की सफाई को लेकर पोल खोली। पूर्व सरपंच ने आयुक्त को बताया कि ओटू फीडर में पिछले वर्ष सफाई कार्य बेहतर तरीके से नहीं किया गया। जिसके बाद आयुक्त ने ¨सचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता को सफाई करने वाले ठेकेदार के पे¨डग बिल रोकने और पास हो चुके बिलों की जांच करने के आदेश दिए।

जायजा लेने के दौरान आयुक्त के साथ उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़, सीटीएम वेदप्रकाश बैनीवाल, डीआरओ विजेंद्र भारद्वाज, डीडीपीओ प्रीतपाल ¨सह, तहसीलदार वजीर ¨सह, पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) के एक्सईएन पीके ¨जदल, ¨सचाई विभाग के एक्सईएन एनके भोला सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे।

एक्सपर्ट इंजीनियर से पुल की जांच करवाने के निर्देश

आयुक्त ने झोरड़नाली गांव के पास घग्घर पुल का निरीक्षण किया और ¨सचाई विभाग के एक्सईएन को जलखुंबी तुरंत निकलवाने को कहा। उन्होंने पीडब्लयूडी के एक्सईएन को निर्देश दिये कि वे झोरडऩाली गांव के पास बनाए गए पुल की लो¨डग कैपेसटी देखें और एक्सपर्ट इंजीनियर बुला कर इस पुल की जांच करवाएं तथा यहां से जलखुंबी पूर्ण रुप से निकलवाने के लिए ¨सचाई विभाग का पूरा सहयोग करें। उन्होंने ओटू हेड पर निरीक्षण करते हुए नेट पर सर्च करके किसी भी यूनिवर्सिटी से जलखुंबी को नष्ट करवाने के उपायों के बारे में जानकारी लेकर उसे प्रयोग में लाने को कहा।

हर विभाग तैयार रखे बाढ़ से निपटने का एक्शन प्लान

आयुक्त ने बाढ़ राहत की तैयारियों के बारे में सभी विभागों से बाढ़ एक्शन प्लान तैयार रखने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी विभाग बरसात के समय बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए अपडेट रहे। उन्होंने सहारणी व नेजाडेला खुर्द गांव के पास घग्घर नदी पर बने बांध का निरीक्षण करते हुए ¨सचाई विभाग को निर्देश दिये कि वे ऐसी कोई नई तकनीक लाएं ताकि बांधों में कट न हो। उन्होंने घग्घर में इस समय पानी की जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि इस समय घग्घर में 1600 क्यूसिक पानी आ रहा है जबकि इसकी क्षमता 46 हजार क्यूसिक पानी की है।

: मंडल आयुक्त राजीव रंजन बृहस्पतिवार को बाढ़ प्रबंधों का जायजा लेने पहुंचे। मंडल आयुक्त के समक्ष ढाणी 400 के पूर्व सरपंच ने ओटू फीडर की सफाई को लेकर पोल खोली। पूर्व सरपंच ने आयुक्त को बताया कि ओटू फीडर में पिछले वर्ष सफाई कार्य बेहतर तरीके से नहीं किया गया। जिसके बाद आयुक्त ने ¨सचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता को सफाई करने वाले ठेकेदार के पे¨डग बिल रोकने और पास हो चुके बिलों की जांच करने के आदेश दिए। जायजा लेने के दौरान आयुक्त के साथ उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़, सीटीएम वेदप्रकाश बैनीवाल, डीआरओ विजेंद्र भारद्वाज, डीडीपीओ प्रीतपाल ¨सह, तहसीलदार वजीर ¨सह, पीडब्ल्यूडी (बीएंडआर) के एक्सईएन पीके ¨जदल, ¨सचाई विभाग के एक्सईएन एनके भोला सहित अनेक अधिकारी उपस्थित रहे। एक्सपर्ट इंजीनियर से पुल की जांच करवाने के निर्देश आयुक्त ने झोरड़नाली गांव के पास घग्घर पुल का निरीक्षण किया और ¨सचाई विभाग के एक्सईएन को जलखुंबी तुरंत निकलवाने को कहा। उन्होंने पीडब्लयूडी के एक्सईएन को निर्देश दिये कि वे झोरडऩाली गांव के पास बनाए गए पुल की लो¨डग कैपेसटी देखें और एक्सपर्ट इंजीनियर बुला कर इस पुल की जांच करवाएं तथा यहां से जलखुंबी पूर्ण रुप से निकलवाने के लिए ¨सचाई विभाग का पूरा सहयोग करें। उन्होंने ओटू हेड पर निरीक्षण करते हुए नेट पर सर्च करके किसी भी यूनिवर्सिटी से जलखुंबी को नष्ट करवाने के उपायों के बारे में जानकारी लेकर उसे प्रयोग में लाने को कहा। हर विभाग तैयार रखे बाढ़ से निपटने का एक्शन प्लान आयुक्त ने बाढ़ राहत की तैयारियों के बारे में सभी विभागों से बाढ़ एक्शन प्लान तैयार रखने को कहा। उन्होंने कहा कि सभी विभाग बरसात के समय बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए अपडेट रहे। उन्होंने सहारणी व नेजाडेला खुर्द गांव के पास घग्घर नदी पर बने बांध का निरीक्षण करते हुए ¨सचाई विभाग को निर्देश दिये कि वे ऐसी कोई नई तकनीक लाएं ताकि बांधों में कट न हो। उन्होंने घग्घर में इस समय पानी की जानकारी ली तो उन्हें बताया गया कि इस समय घग्घर में 1600 क्यूसिक पानी आ रहा है जबकि इसकी क्षमता 46 हजार क्यूसिक पानी की है।