# बयान से पलटे करणी सेना प्रमुख ,पद्मावत देखने से इंकार         # अमेरिका में शटडाउन खत्म, राष्ट्रपति ट्रंप ने साइन किए बिल         # दिल्ली: राजपथ पर फुल ड्रेस रिहर्सल आज, कई जगह मिल सकता है जाम         # सेंसेक्स की डबल सेंचुरी, पहली बार 36000 के पार, निफ्टी ने भी रचा इतिहास         # सीलिंग के विरोध में दिल्ली के सभी बाजार आज रहेंगे बंद         # भारत-पाक बॉर्डर पर तनाव के बीच जम्मू कश्मीर में LOC के आर - पार बस सेवा फिर शुरू         # मिजोरम में शरण लिए म्यांमार के 1400 लोगों का देश लौटने से इनकार         # हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों को देना होगा दहेज नहीं लेने का शपथ पत्र         # हरियाणा के कांग्रेस विधायकों को पार्टी फंड के लिए नोटिस         # दिल्ली एनसीआर में मौसम ने ली करवट, हल्की बारिश से ठंड की वापसी        
News Description
कारगर नहीं हो रही हैं मनोहर सरकार की चार नीतियां

फरीदाबाद : राज्य में शहरी स्थानीय निकाय विभाग की पिछले तीन साल में जारी हुई चार नीतियों का फायदा संबंधित लोगों को नहीं मिल रहा है। इसके चलते विशेषज्ञ इन नीतियों को अव्यवहारिक मान रहे हैं। पार्किंग, नर्सिंग होम, औद्योगिक प्लॉट सब-डिवीजन, बैंक्वेट हॉल की नीतियों का विश्लेषण करें तो इनमें से एक भी नीति से राज्य के लोग लाभान्वित नहीं हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नीतियों का जब तक सरलीकरण नहीं होता तब तक ये व्यर्थ ही रहेंगी।

पार्किंग: व्यवस्थित यातायात और आमदनी के लिए पार्किंग नीति 8 मार्च 2017 को बनाई गई। इसके मापदंड तय किए गए कि कोई व्यक्ति 12 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित खाली प्लॉट में पार्किंग विकसित कर सकता है। इसके लिए 100 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से पार्किंग शुल्क संबंधित निकाय को दिया जाना चाहिए। विशेषज्ञ बताते हैं कि 23 अक्टूबर 2013 को हाईकोर्ट के निर्देश पर एक पार्किंग नीति बनाई गई थी, मगर इसमें कोई शुल्क नहीं रखा गया था। इसके अलावा नई या पुरानी नीति में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि सरकारी जमीन पर खड़े वाहनों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी। इसके चलते पार्किंग के लिए एक भी आवेदन नहीं आया।