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अनुसूचित वर्ग के दो लोगों ने बसाया था गांव सिवाड़ा

करीब 4800 की आबादी को अपने आंचल में समेटे हुए गांव सिवाड़ा को अनुसूचित जाति के दो लोगों ने करीब 700 वर्ष पूर्व बसाया था। यहां पर करीब 3100 लोगों को मताधिकार प्राप्त है और करीब एक हजार घरों का निर्माण हुआ है। कृषि योग्य भूमिका रकबा करीब 13 हजार 65 बीघे है। गांव को सिवाड़ा नाम से पहचान कैसे मिली, इस बारे में ग्रामीणों के पास पुख्ता जानकारी नहीं मिल पाई। जाट बाहुल्य गांव सिवाड़ा में लीहवाच, राहर, ¨सगडोई गौत्र के जाट निवास करते हैं। इसके अलावा गांव में ब्राह्मण, राजपूत, नाई, श्यामी, प्रजापत, छिप्पी सहित अनुसूचित जाति वर्ग के कुछ लोग भी निवास करते हैं। गांव में कोई भी पाना स्थापित नहीं है। गांव में चार चौपालें है, जिनमें से तीन अनुसूचित जाति वर्ग के लिए व एक सामान्य वर्ग के लिए बनाई हुई है। ग्रामीण ओमप्रकाश, चंद्र, सूबे, रामेश्वर, दयानंद, रामजीदास, नानक, ग्राम सचिव जगदीश आदि ने बताया कि गांव सिवाड़ा को करीब 700 वर्ष पूर्व अनुसूचित जाति वर्ग से सम्बंध रखने वाले छाछिया व सरोहा नामक दो व्यक्तियों ने बसाया था। उन्होंने बताया कि गांव में सभी जातियां आपस में मिल-जुलकर रहती है और एक-दूसरे के सुख-दुख में काम आती है।इन सुविधाओं का है अभाव

ग्रामीणों ने सरकार से गांव के राजकीय उ?ा विद्यालय को वरिष्ठ विद्यालय का दर्जा देने की मांग की है, ताकि यहां के छात्रों को शिक्षा के लिए अन्य गांवों का रूख न करना पड़े। इसके अलावा लड़कियों के लिए भी अलग से वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की स्थापना की मांग की है। इसके अलावा गांव के लोगों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए पीएचसी की स्थापना की मांग की है। इसके अलावा सिवाड़ा, खेड़ी दौलतपुर सम्पर्क मार्ग व सिवाड़ा-धनाना सम्पर्क मार्ग के क?ो रास्ते को पक्का बनाए जाने की मांग की है। गांव में गंदे पानी की निकासी की भी उचित व्यवस्था की भी मांग की गई है।

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गांव में ये है आस्था के केंद्र

ग्रामीणों ने चार मंदिरों का निर्माण किया हुआ है। इनमें बाबा श्याम का मंदिर, हनुमान मंदिर, शिव मंदिर व दादी गौरी का मंदिर शामिल है। ग्रामीणों की बाबा श्याम व दादी गौरी के प्रति काफी आस्था है।

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गांव में ये है जोहड़

गांव में चार जोहड़ है, जिनमें जीसर, बोझाआला, अमृति जोहड़ी व छोटी जोहड़ी शामिल है। ग्रामीण बड़े जोहड़ों में अपने पालतू पशुओं को नहलाते व पानी पिलाते है।

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ये रह चुके है अधिकारी

ग्रामीण युवाओं में भी देशभक्ति का जज्बा दिखाई दे रहा है। गांव के करीब 55 से अधिक युवा सेना में भर्ती होकर देश की सेवा कर रहे हैं। गांव में हरियाणा पुलिस में रणधीर ¨सह ए