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जिला परिषद् की बैठक में पार्षद व डीईओ के बीच नोकझोंक

पानीपत : लघु सचिवालय में बुधवार को जिला परिषद की बैठक बुलाई गई। 17 पार्षदों में से केवल सात बैठक में उपस्थित रहे। पार्षद देव मलिक और डीईओ उदय प्रताप सिंह के बीच नोकझोंक हुई। बैठक में न आने वाले पार्षद विनय गुप्ता और दयानंद उरलाना ने बहिष्कार करने का दावा किया। दोनों पार्षदों ने कहा कि वे जनवरी में अन्य पार्षदों के साथ चेयरमैन को पद से हटाने का मोर्चा खोलेंगे।

जिला परिषद की बैठक चेयरमैन आशु शेरा, सीईओ संजय कुमार, डिप्टी सीईओ जसविंदर सिंह की मौजूदगी में शुरू हुई। उसमें वाइस चेयरमैन पुनीता देवी, वार्ड 14 के पार्षद देव मलिक, वार्ड पांच के संदीप, वार्ड 12 की काजल और वार्ड 16 से मंजीत शामिल हुए। वार्ड दो से विनय गुप्ता, वार्ड तीन से दयानंद, वार्ड पांच से सत्यनारायण शर्मा, वार्ड छह से कृष्ण भाटिया, वार्ड नौ से सुनील कादियान, वार्ड 10 से सुनीता देवी, वार्ड 11 से निधि रावल, वार्ड 13 से श्यामचंद्र, वार्ड 15 से ज्योति रानी तथा वार्ड 16 से लख्मीचंद अनुपस्थित रहे। बैठक में कहा गया कि विकास कार्यो पर 5:50 करोड़ खर्च हो चुके हैं। सरकार से कोई नया फंड आवंटित नहीं किया गया है। फंड मिलने पर विकास कराए जाएंगे।

जिला परिषद को सौंपे गए आंगनबाड़ी, बस क्यू शेल्टर, मिड डे मील, नहर और पीएचसी की देखरेख पर भी चर्चा हुई। चेयरमैन आशु शेरा ने कहा कि जिला परिषद को ये पांच नए कार्य दिए गए हैं। उनकी अलग से बैठक कर रूपरेखा तैयार की जाएगी।

पार्षद देव मलिक ने डीईओ से पूछा कि क्या कार्रवाई की। देव मलिक ने निजी स्कूल द्वारा ऐंठी जा रही अधिक फीस का मसला उठाया। एसडी विद्या मंदिर (जूनियर विंग) से बच्चों के निकालने पर डीईओ उदय प्रताप सिंह से कार्रवाई के बारे में जानना चाहा। सीईओ संजय कुमार ने पार्षद के शिकायत करने के लहजे को गलत बताया। पार्षद और अधिकारी के बीच गहमा-गहमी देखकर डीईओ बचाव करने लगे। सीईओ का समर्थन मिलते ही डीईओ पार्षद पर बरस पड़े।