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लघु सचिवालय में बैठक को सम्बोधित करती डीपीओ सरला यादव

 महिलाएं इस सुन्दर श्रृष्टि के संचालन का आधार है। स्वस्थ महिला ही स्वस्थ बच्चे को जन्म देने में सक्षम होती है। हरियाणा सरकार की ओर से जिला के सभी 1 हजार 45 आंगनबाड़ी केन्द्रों में गर्भवती महिलाओं और बच्चों को पोषक आहार व खेल-खेल के माध्यम से उच्चकोटि की शिक्षा दी जा रही है। इसलिए सभी सीडीपीओ समय-समय पर ग्रामीण क्षेत्र में आंगनबाडिय़ों का औचक निरीक्षक करें ताकि कही भी दी जा रही सुविधाओं में कौताही अथवा लापरवाही न होने पाए। यह निर्देश जिला कार्यक्रम अधिकारी सरला यादव ने लघु सचिवालय में आयोजित विभाग की अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित करते हुए दी। 
उन्होंने कहा कि बच्चें और महिलाएं प्रदेश की जनसंख्या का बहुत बड़ा हिस्सा हैं। यदि देश को स्वस्थ और समृद्ध राष्ट्र बनाना है तो इनकी तरफ- ओर अधिक ध्यान देना होगा। इसी के दृष्टिगत हरियाणा महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से अनेक योजनाएं लागू की गई हैं ताकि बच्चों को ओर अधिक स्वास्थ्य और देश को स्वस्थ नागरिक मिल सकें। उन्होंने कहा कि सभी आंगनबाडिय़ों में गर्भवती महिलाएं व 0 से 6 वर्ष आयु तक के बच्चों और दूध पिलाने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य व पोषाहार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों में जन्म देने वाली माताओं को 6 हजार रूपये की राशि उपलब्ध करवाई जाती है। सरकार की ओर से किशोर शक्ति योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढाओ योजना, घरेलू हिंसा महिला संरक्षण अधिनियम, समेकित बाल संरक्षण योजना, आपकी बेटी-हमारी बेटी, ग्रामीण किशोर बालिका पुरस्कार योजना, महिला खेल प्रतियोगिता और सर्वोत्तम माता पुरस्कार जैसी अनेक कल्याणकारी योजनाएं लागू की गई है। उन्होंने विभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों से अनुरोध किया कि वे विभाग की योजनाओं को जन-जन तक पंहुचाने के लिए ओर अधिक सहयोग दें। 
बैठक को सम्बोधित करते हुए जिला बाल संरक्षण अधिकारी निधि गुप्ता ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पानीपत की पवित्र भूमि से ही बेटी बचाओ-बेटी पढाओ अभियान का शुभारम्भ किया था और यह हमारे लिए गर्व और गौरव का विषय है कि हरियाणा में कन्या जन्म दर में तेजी से बढोत्तरी हो रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार महिला रोजगार को बढावा देने के लिए प्रशिक्षण व उत्पादन केन्द्र योजना, साक्षर महिला समूह, महिला ग्राम स्तरीय कमेटियों को गठन करके महिला सशक्तिकरण को बढाने के लिए भरसक प्रयास कर रही है।