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संस्कृत को आमजन तक पहुंचाने में जुटी संस्कृत भारती : जयप्रकाश

हिसार : संस्कृत भारती के उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री जयप्रकाश का कहना है कि देश में संस्कृत के उत्थान और प्रचार के लिए संस्कृत भारती लगातार प्रयासरत है। राष्ट्रीय स्तर पर आठ संस्कृत ग्रामों का गठन किया जा चुका है। कक्षा एक से 12 तक सभी विषयों को संस्कृत माध्यम से ही पढ़ाए जाने पर विशेष जोर चल रहा है। इसके लिए हमारे द्वारा पाठ्यक्रम भी तैयार कराया जा चुका है। जैसे ही केंद्रीय स्तर पर शिक्षा बोर्ड का गठन होगा, उसी समय हमारी तरफ से बोर्ड को पाठ्यक्रम सौंप दिया जाएगा। वे यहां डायमंड एकेडमी में आयोजित एक विचार गोष्ठी में शिरकत करने पहुंचे थे। इस अवसर पर संस्कृत भारती के प्रांतीय उपाध्यक्ष डा. श्रेयांश द्विवेदी भी मौजूद रहे। संचालन स्टेट टीचर अवार्डी पं. मिथिलेश शास्त्री ने किया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर 39 देशों में संस्कृत भारती कार्य कर रही है। संस्कृत को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य के तहत आठ गांवों को संस्कृत ग्राम घोषित किया जा चुका है। इसमें मध्यम प्रदेश से झिरी और मोहद, उत्तराखंड से किमोठा और भंतोला, कर्नाट से मुत्तुरु आदि गांव शामिल हैं।

उन्होंने कहा कि चिकित्सा, इंजीनिय¨रग, वकालत ऐसा कोई भी क्षेत्र नहीं है। जहां संस्कृत की मौजूदगी न हो। दिल्ली में हमारे द्वारा 25 केंद्र चलाए जा रहे हैं। इसमें डॉक्टर, वकील, इंजीनियर के साथ-साथ आम जन को संस्कृत से जोड़ा जा रहा है। इसके परिणाम भी सकारात्मक आ रहे हैं। हरियाणा के कुरुक्षेत्र में 25 से 31 दिसंबर तक भाषा बोधन वर्ग का प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है। हिसार में भी शीघ्र ही एक बड़े स्तर पर कार्यक्रम कराए जाने की योजना है।

इस अवसर पर पं. मिथिलेश शर्मा, डा. बलराज शर्मा, डा. मुकेश कुमार, डा. अनिल शर्मा, डा.ज्योति प्रकाश, डा.सुरेश कुमार, रमेश कुमार, टेकचंद शास्त्री, राजकुमार, विवेक मुद्गिल, आचार्य पवन वत्स, धमेंद्र शास्त्री, नितेश शर्मा, रोहित शर्मा, सुनील दत्त आदि मौजूद रहे।