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मुस्लिम महिलाओं ने छेड़ी तीन तलाक के खिलाफ जंग

नगीना : क्षेत्र की मुस्लिम महिलाओं ने एमडीए हॉल नगीना में बैठक की। इसमें तीन तलाक का विरोध करते हुए सरकार से नया कानून संसद में पास कराने की मांग की। राष्ट्रीय मुस्लिम मंच के राष्ट्रीय संयोजक खुर्शीद राजाका व अन्य संगठनों के सहयोग से बुलाई गई बैठक में महिलाओं ने अपनी आप बीती सुनाई।

बैठक के बाद महिलाओं ने एकजुट होकर हाथों में बैनर व स्लोगन वाले पोस्टर लेकर जागरूकता रैली निकाली। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक खुर्शीद राजाका ने की। करीब आधा किलोमीटर चलकर महिलाओं ने उप तहसीलदार उमेश कुमार को अपना ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन पत्र में महिलाओं ने नये मसौदे का समर्थन करने का फैसला किया है। भारत सरकार से मांग की गई है कि वह शीतकालीन सत्र में ही बिल को पास कराएं। महिलाओं ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि मसौदे में सजा का प्रावधान के साथ तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्वास के लिए भी कदम उठाए जाएं। मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के संयोजक खुर्शीद राजाका ने कहा कि सभी राजनैतिक दलों को तीन तलाक के मसले पर एकजुटता दिखाने की आवश्यकता है। आने वाले बिल को लोकसभा और राज्यसभा में पास कराने के लिए मुस्लिम राष्ट्रीय मंच जन जागरूकता अभियान चला रहा है। जिससे सही जानकारी मुसलमानों तक पहुंचे। कुछ रूढि़वादी लोगों की वजह से तीन तलाक के मामले बढ़ रहे हैं। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को भी अपने मानसिकता बदलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि एक साथ तीन तलाक केवल ¨हदुस्तान में ही कहा जाता है जो कि मूलरूप से कागजों में नहीं है। यह विचारधारा की बात नहीं बल्कि मुस्लिम महिलाओं के आत्म-सम्मान को संजोए रखने की पहल है। नये मसौदे पर सभी तमाम सियासी दलों को बैठकर तीन तलाक पर बन रहे कानून में अपने राय-मशवरा देना जरूरी है।