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हरियाणा की दो टूक, 5 लाख प्रति माह दोगे तभी रखेंगे 6 हाथी

केंद्रीय वन मंत्रालय की ओर से यमुनानगर के बनसंतौर जंगल की एलीफेंट सैंचुरी में 6 हाथियों को आवास देने के निर्देश पर हरियाणा ने हाथ खड़े कर दिए हैं। सूत्र बताते हैं कि हरियाणा ने केंद्र से छह हाथियों को रखने के लिए 3.5 से लेकर 5 लाख रुपये प्रति माह का बजट मांगा है। वहीं केंद्र को हरियाणा ने यह भी साफ कह दिया गया है कि अगर यह बजट नहीं मिलता है तो हाथियों को बनसंतौर के जंगल में रखना मुमकिन नहीं है। हरियाणा के वन विभाग की मानें तो दिल्ली के चीफ वाइल्ड लाइफ डिपार्टमेंट ने हरियाणा सरकार को बनसंतौर की एलीफेंट सैंचुरी में छह हाथियों को रखने को कहा है। 

एक हाथी के खिलाने पिलाने, उसके सैर सपाटे और देखभाल की जिम्मेदारी आसान नहीं है। छह हाथियों के लिए एक दिन में 120 किलो फल, 1500 किलो गन्ना या हरा चारा और 360 किलो खिचड़ी व गेहूं का दलिया खाने के लिए दिया जाता है। जिन हाथियों को यहां लाया जाना है उन्हें ऐसे लोगों के चंगुल से आजाद करवाया गया है जो गैरकानूनी तरीके से उनका इस्तेमाल कर रहे थे। उनसे सर्कस में तमाशा दिखाने का काम लिया जा रहा था। छह हाथियों में चार हथिनियां, जबकि दो हाथी हैं। बनसंतौर की 450 एकड़ की सैंचुरी में 20 हाथियों को रखा जा सकता है।

हाथी देश का नेशनल हेरिटेज एनिमल है। यूनियन इनवायरनमेंट मिनिस्ट्री की रिपोर्ट की मानें तो पांच साल में हाथियों की आबादी घट गई है। रिपोर्ट की मानें तो 23 राज्यों में की गई गणना के मुताबिक हाथियों की तीन हजार संख्या कम हो गई है। वर्ष 2012 में 29,391 से लेकर 30,711 हाथी थे, जबकि वर्ष 2017 में उनकी आबादी सिर्फ 27,312 पर सिमट कर रह गई है। इन्हें बचाने को कुछ राज्यों में गज यात्रा प्रोजैक्ट की शुरुआत भी की जा चुकी है।