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सर्वे को बचा आखिरी सप्ताह, प्लांट में पड़ा चार गुणा कचरा

सिरसा : स्वच्छता सर्वे को सिर्फ आखिरी सप्ताह बचा है। 4 जनवरी को सर्वे के लिए टीम सिरसा में होगी। मगर गांव बकरियांवाली में स्थित कचरा प्रबंधन प्लांट के हालात नहीं सुधरे हैं। प्लांट में फिलहाल चार गुणा कचरा पड़ा है। प्लांट में कचरा निपटान की क्षमता महज 20 टन है जबकि रोजाना शहर से 80 टन से अधिक कचरा प्लांट में जा रहा है। ऐसे में सवाल है कि एक सप्ताह में इतने कचरे का कैसे निपटान हो पाएगा।

नगर परिषद प्रशासन की ओर से प्लांट की जर्जर हो चुकी मशीनरी को ठीक करवाने के दावे भी सिर्फ कागजी साबित हुए हैं। चीफ इंजीनियर के संज्ञान में मामला जाने के बाद भी प्लांट सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है।

शहर से रोजाना कचरा पहुंचने के कारण 40 फुट ऊंचे ढेर लग चुके हैं। करीब 15 फुट तक प्लांट की दीवार बनी हुई है। जिससे दोगुना ऊंचा ढेर नजर आता है। सूत्रों की मानें तो कचरे को उठाने के लिए शुरुआती दौरे में 15 लाख रुपये खर्च कर मशीन लाई गई थी। जिसमें बाद में खराबी आ गई। खराबी आने के बाद मशीन को दोबारा ठीक नहीं करवाया गया बल्कि बुलडोजर लगाकर ट्रैक्टरों के सहारे कचरा उठाया जाने लगा।

कचरा प्रबंधन प्लांट स्थापित करते समय यहां कचरे से खाद बनाने का प्रोजेक्ट लगाया गया था। उस समय खाद बनाने के लिए केंचुए लाए गए। मगर सिर्फ पहले साल ही खाद बन पाई। खाद खरीदने में पशुपालकों व किसानों ने भी कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। जिसके बाद यहां खाद बनाना बंद कर दिया गया। अब स्थिति यह है कि केंचुआ रखने के स्थान पर भी मिट्टी डाल दी गई है।

कचरे पर नहीं छिड़की जाती दवा प्लांट में एकत्रित किए जाने वाले कचरे पर विशेष दवा का छिड़काव होना चाहिए, जिससे कचरे की बदबू न फैले और उस पर मक्खियां न पनपे। मगर इस प्लांट में दवा का छिड़काव नहीं हो रहा है। जिससे तेज हवाएं चलने पर एक किलोमीटर दूर स्थित गांव बकरियांवाली में कचरे की बदबू से लोगों का सांस लेना भी मुश्किल हो जाता है।