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बेहतर संसाधन फिर भी स्वच्छता में पिछड़ रहे

गुरुग्राम: 4 जनवरी से शुरू होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए नगर निगम की ओर से कोई तैयारी नजर नहीं आ रही है। शहर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। करोड़ों खर्च कर बनाए गए टॉयलेट का इस्तेमाल भी शुरू नहीं हो सका है। काफी जगहों पर पब्लिक टॉयलेट पर ताले लगे हुए हैं। खास बात यह है कि स्वच्छ सर्वेक्षण में टायलेट की सुविधा के अलग से अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके साथ ही इन पब्लिक टायलेट की लोकेशन को गूगल मैप पर अपडेट करने के भी निर्देश शहरी विकास मंत्रालय की ओर से सभी निकायों को जारी किए गए हैं। सार्वजनिक स्थलों पर पब्लिक टॉयलेट की सुविधा देने के साथ ही इन टॉयलेट को साफ-सुथरा रखने के भी निर्देश हैं।

यही हालात रहे तो बेहतर स्वच्छता रैं¨कग की उम्मीद नहीं की जा सकती है। इसके साथ ही नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए विशेष सफाई अभियान भी शुरू नहीं किया है।

निगम के पास ये हैं संसाधन

- 2500 से ज्यादा सफाईकर्मी।

- रोड स्वी¨पग मशीनें।

- करोड़ों रुपये होते हैं सफाई पर खर्च।

- अब तीन प्राइवेट एजेंसी के पास था सफाई का जिम्मा।

शिवाजी नगर शौचालय पर ताला

शिवाजी नगर के पास बनाए गए पब्लिक टॉयलेट पर पिछले काफी दिनों से ताला लगा हुआ है। जिसके कारण लोगों को इसकी सुविधा नहीं मिल रही है। इसी तरह शहर में कई अन्य जगह पर बनाए पब्लिक टायलेट अकसर बदं रहते हैं, जिसके कारण परेशानी हो रही है। सार्वजनिक स्थलों जैसे बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, इफको चौक और सदर बाजार में पब्लिक टायलेट की कमी है। इस संबंध में नगर निगम के एक्सईएन सौरभ नैन से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।