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भ्रष्टाचार के मामले में सिरसा हरियाणा में पहले नंबर पर

जिलों में लोगों की हर समस्या के समाधान की जिम्मेदारी संभाले डिप्टी कमिश्नर कार्यालयों की कार्यप्रणाली से लोग संतुष्ट नहीं है। प्रदेश की जनता ने सीएम विंडो पर तीन साल में 44693 शिकायतें इनके कार्यालयों की हैं। यानी हर दिन डीसी कार्यालयों की 41 शिकायतें हुईं।

 

असंतुष्टों में सबसे ज्यादा सिरसा के लोग हैं। इस जिले के 8829 पीड़ितों ने सीएम विंडो पर अपनी शिकायत की। जबकि जिले के विभिन्न महकमों में भ्रष्टाचार और कर्मचारियों के दुव्र्यवहार की शिकायत भी सिरसा जिले से ही सबसे ज्यादा आई हैं।

सिरसा के बाद सबसे ज्यादा असंतुष्ट सिरसा, भिवानी, रेवाड़ी, पानीपत, यमुनानगर और करनाल की जनता हैं। भ्रष्टाचार के आरोपों की बात करें तो सिरसा के बाद भिवानी, हिसार, गुडग़ांव और फरीदाबाद में लगे हैं। कर्मचारियों के दुव्र्यवहार की शिकायत भी फरीदाबाद, करनाल, रोहतक और गुडग़ांव में ही सबसे ज्यादा की गई हैं।

सीएमविंडो की शिकायत के आधार पर देखा जाए तो पंचकूला और फतेहाबाद ऐसे जिले हैं, जिनके डीसी कार्यालयों से लेकर भ्रष्टाचार और कर्मचारियों द्वारा दुव्र्यवहार करने की शिकायतें कम की गई हैं। ये दोनों जिले इन तीनों श्रेणियों में आखिरी पांच जिलों में शामिल हैं। यानी जहां लोग असंतुष्ट कम हैं।

भले ही कर्मचारी नूंह जिले में काम करने से डरते हों, लेकिन वहां जो भी काम कर रहे हैं, वह अच्छी तरह कर रहे हैं, क्योंकि वहीं के कर्मचारियों की शिकायतें सबसे कम हुई हैं। यहां तीन साल में 549 शिकायतें लोगों ने की हैं। जबकि दूसरे नंबर पर फतेहाबाद जिला है। यहां 605 शिकायतें लोगों ने दर्ज कराईं। जबकि हिसार में 839, पंचकूला में 926 और अम्बाला में 1083 शिकायतें दीं। इसके विपरीत सबसे ज्यादा शिकायत सिरसा में 2634, फरीदाबाद में 2475, करनाल में 2295, रोहतक में 2255 और गुडग़ांव में 2007 शिकायतें कर्मचारियों द्वारा दुव्र्यवहार करने की दर्ज कराई हैं।