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रत्ताखेड़ा माइनर टूटी, सौ एकड़ गेहूं की फसल खराब

वाद सूत्र, रतिया: गांव रत्ताखेड़ा व तामसपुरा के बीच बुधवार तड़के रताखेड़ा माईनर टूट जाने से माईनर का पानी खेतों में घुस गया जिससे दोनों गांवों की करीब सौ एकड़ में गेहूं की फसल तबाह हो गई। किसानों को जब माईनर टूटने की सुचना मिली तो उनमें हड़कंप मच गया। उन्होंने इसकी सूचना तुरंत सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दी। सूचना मिलने के काफी देर बाद विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने मजदूरों व जेसीबी की सहायता से टूटे हुई माईनर को बंद करने का कार्य करवाया। ¨सचाई विभाग के अधिकारियों ने माईनर के टूटने और फसल खराब होने की सूचना भी तहसील व उपमण्डल प्रशासन को देनी उचित नहीं समझी जिस कारण उपमंडलाधीश व तहसीलदार भी शाम तक माईनर टूटने की घटना से अनभिज्ञ रहे। मीडिया से माइनर टूटने की जानकारी मिलने पर उपमण्डलाधीश ने घटना की जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। वहीं कहा कि पता लगाया जाएगा कि यह अधिकारियों की लापरवाही से माइनर टूटी है या किसी ने जानबूझकर इस घटना को अंजाम दिया है। रतिया शहर से होकर गुजरने वाली रताखेड़ा माईनर गांव रताखेड़ा व तामसपुरा होते हुए एक दर्जन गांवों को ¨सचाई के लिए पानी उपलब्ध करवाती है। कुछ दिनों से नहरबंदी थी। बुधवार सुबह जब विभागीय अधिकारियों ने नहर में पानी छोड़ा तो रताखेड़ा से कुछ दूर आगे नहर टूट गई। नहर में लगभग 15-20 फुट का कट लग गया और पानी नहर से निकलकर रताखेड़ा तथा तामसपुरा के खेतों में घुस गया जिससे किसान सुभाष खिलेरी की लगभग 15 एकड़, राम ¨सह नैन की 12 एकड़, राम कुमार भादू की 12 एकड़ सहित दर्जनों किसानों की सैकड़ों एकड़ गेंहू की फसल तबाह हो गई। किसानों ने आरोप लगाया कि उन्होंने सुबह ही माईनर टूटने की सूचना ¨सचाई विभाग के अधिकारियों की दे दी। लेकिन विभागीय अधिकारियों ने कई घण्टे बाद मजदूरों की सहायता से बचाव कार्य शुरू करवाया लेकिन बहाव अधिक होने के कारण बाद में जेसीबी की सहायता से नहर को पाटने का कार्य शुरू किया। किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारियो की लापरवाही से ही नुकसान हुआ है। अगर अधिकारी पानी छोड़ने से पहले माईनर की चे¨कग कर लेते तो माईनर नहीं टूटती। किसानों ने प्रशासन से आर्थिक नुकसान की भरपाई की मांग की है। उपमंडलाधीश देवी लाल ने बताया कि माईनर टूटने की घटना की जांच करवाने के निर्देश दिए हैं। किसानों की मांग पर विचार किया जाएगा।