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सुबह किया प्रदर्शन, शाम को बैठक कर हड़ताल का फैसला लिया वापस

फतेहाबाद : रोडवेज कर्मचारियों द्वारा पहले से घोषित 28 दिसंबर की हड़ताल मुख्यमंत्री के साथ हुई बैठक के बाद स्थगित कर दी है। हड़ताल स्थगित होने के बाद प्रशासन के साथ आमजनों ने भी राहत की सांस ली है। इस हड़ताल को लेकर कर्मचारी पिछले कुछ दिनों से अभियान भी चला रहे थे। यहीं कारण था कि सरकार को रोडवेज कर्मचारियों की मांगों की तरफ ध्यान देना पड़ा। हड़ताल रद होने की पुष्टि यूनियन के नेताओं ने की है।

इससे पहले बुधवार सुबह रोडवेज कर्मचारियों ने मांगों को लेकर रोष जताया। रोष प्रदर्शन में राज्य वरिष्ठ उपप्रधान हवा ¨सह पूनिया, राज्य कोषाध्यक्ष सुभाष चन्द्र, राज्य वरिष्ठ उपप्रधान राजाराम हुड्डा, राज्य उपप्रधान सुरेन्द्र मलिक थे। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकार कर्मचारियों के प्रति जरा भी गंभीरता नहीं दिखा रही है। मौका लगते ही सरकार कर्मचारियों के अधिकारों का हनन करना शुरू कर देती है। इसी के चलते ही सरकार ने प्रमोशन पॉलिसी पर छेड़छाड़ करके सम्पति के रिटर्न भरने की शर्त रख दी है। कर्मचारी विरोधी सरकार के इस रवैये को बदलवाना हड़ताल से ही संभव है क्योंकि सरकार से कई बार बातचीत की जा चुकी है परंतु यह सरकार सीधी तरह से नहीं मानने वाली। कर्मचारियों के हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार समय-समय पर रोडवेज के बेड़े में नई बसें लाने की बात तो करती है जबकि सच्चाई यह है कि वर्तमान में रूट पर संचालित बसें जरूरी संसाधनों के बिना बंद होने की कगार पर है। इसके पीछे सरकार की सोची-समझी रणनीति है। सरकार की अपने लाभ को देखते हुए बनाई गई नीतियों के चलते जो रेगुलर भर्तियां निकाली गई, वो न्यायालय में लटक कर रह गई हैं इसलिए विभाग में कर्मचारियों की लगातार कमी आ रही है। इससे जनसुविधाएं बाधित हो रही हैं।

पुराने कर्मचारी लगातार रिटायर हो रहे हैं जबकि नए कर्मचारियों की भर्ती करने में यह सरकार विफल साबित हो रही है। इस मौके पर सभी डिपो प्रधान ईश्वर ¨सह सहारण, साधुराम, सलेन्द्र कन्हड़ी, राजेश कुमार साबरवास, नरेन्द्र सोनी, पवन सोनी, सुभाष गोदारा, सूबे ¨सह सोनी, सुखदेव ¨सह, संदीप जांडली, राजेश मुकलान, रिसाल ¨सह, सुरेन्द्र खिचड़, अनिल भाटिया, अमर ¨सह, संजय जांगड़ा, कृष्ण भांभू, दलीप कुकना, सतेन्द्र, रोहताश पूनियां, मंगल ¨सह, अशोक सिहाग, सुनील कुमार, हर्ष मेहता, मोहन लाल सहारण, अनिल सहगल, शीशपाल गोयत, गायत्री नंदन, महावीर ¨सह फौजी, जसवंत ¨सह, तेलूराम, कुलदीप पूनियां, राजेश मांझू, प्रवीन कुमार, उग्रसैन, रामनिवास जांगड़ा सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।