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फसलों का बीमा कराने के लिए महज पांच दिन बाकी

सोनीपत: जिले के कई बैंकों की मनमानी का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। बैंककर्मी जहां पहले ऋणी किसानों की फसलों का बीमा नहीं कर रहे थे, जब एलडीएम( लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर) ने इस पर सख्ती दिखाई तो बैंकों ने गैर ऋणी किसानों की फसलों का बीमा करना भी बंद कर दिया है।

फसलों का बीमा कराने में पांच दिन ही बाकी हैं। ऐसे में गैर ऋणी किसान अपनी फसलों का बीमा तो कराना चाह रहे हैं, लेकिन बैंक उन्हें ठेंगा दिखा रहे हैं। बीमा न होने से किसानों को चक्कर काटने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इसकी शिकायत किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारियों को दी है।

केंद्र सरकार ने जनवरी 2016 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू किया था। इसमें किसान अपनी फसल का बीमा कराता है और उसमें किसी तरह की प्राकृतिक आपदा से नुकसान होता है तो उसका मुआवजा बीमा कंपनी की ओर से दिया जाता है। इसके तहत जिन किसानों ने बैंक से लोन लिया है या क्रेडिट कार्ड बनवाया हुआ है, उन किसानों की फसलों का बीमा के लिए बैंक को हर हाल में प्रीमियम की राशि काटकर बीमा कंपनी को देना होता है। जिले में ऐसे 70हजार 493 किसान हैं। इनकी फसलों का प्रीमियम काटने की जिम्मेदारी बैंक की है। इसके बावजूद बैंक किसानों की फसलों का प्रीमियम नहीं काटते, लेकिन अब की बार लीड बैंक मैनेजर ने बैंकों को इस कार्य के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। ऋणी किसानों की फसलों का प्रीमियम बैंकों ने काटा है या नहीं, इसका पता तो 15 जनवरी के बाद ही लगेगा, लेकिन गैर ऋणी किसानों की शिकायतें पहले ही मिलने लगी है।

विभाग ने गैर ऋणी किसानों को भी फसलों का बीमा कराने के लिए आवेदन मांगे हैं। अधिकारियों के अनुसार किसान बीमा तो करा रहे हैं, लेकिन बैंक इसके लिए तैयार नहीं है। ऐसे में किसानों की फसलों का नुकसान होता है तो उनका बीमा न होने से उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिलेगा।