News Description
ठेका बंद कराने के लिए पंचायतों ने सौंपे प्रस्ताव

पलवल : मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा गांवों में पंचायतों की अनुमति के बगैर शराब के ठेके नहीं खुलवाने के फैसले से ग्राम पंचायतें खुश नजर आ रही हैं। कुछ ग्रामीण तो पंचायतों पर दबाव डालकर प्रस्ताव दिलवा रहे हैं। बुधवार को गांव दीघोट, डकोरा व अलावलपुर ग्राम पंचायतों ने आबकारी कराधान विभाग अधिकारियों को प्रस्ताव सौंपकर गांव में ठेके न खोलने की मांग रखी। इससे पहले भी धतीर व कई अन्य ग्राम पंचायतें प्रस्ताव सौंप चुकी हैं।

गांव दीघोट के पंचायत सदस्यों के प्रतिनिधि मंडल सहायक अबकारी एवं कराधान अधिकारी बाबू लाल भागवत से मिले और पंचायत द्वारा पास किए प्रस्ताव को उन्हें सौंपा। प्रतिनिधि मंडल ने आग्रह किया कि गांव में शराब का ठेका न खोला जाए। प्रस्ताव सौंपने वालों में अंजय तंवर, सुरेंद्र, पंचायत मेंबर महेश, रवि, मुकेश, संगीता, दर्शन, मानीषा परसी, दलीप, बुधराम, रोशन, सुरेंद्र व नरेश, प्रभु पंडित मुख्य थे।

वहीं ग्राम पंचायत डकौरा ने सरपंच पूजा देवी के नेतृत्व में प्रस्ताव पास कर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को आबकारी एवं कराधान विभाग को भेजा। पंचायत की बैठक में मांगेराम, सुजेंद्र ¨सह, निकेश बैनीवाल, निरंजन, रचना देवी, आशा, ओमवती, सविता, विनोद बैनीवाल, सुमनदेवी, बलराम, बिजेंद्र, दयाराम, ओमवती, ज्ञानचंद, नरेश व मनोज मुख्य थे। पूजा देवी ने बताया कि गांव में खुले शराब के ठेकों के कारण जहां युवा वर्ग में नशे की लत बढ़ती जा रही है। साथ ही ठेके के आसपास महिलाओं का निकलना दूभर रहता है। ग्राम पंचायत अलावलपुर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी पृथला को आबकारी एवं कराधान विभाग के नाम प्रस्ताव पास कर सौंपा है। प्रस्ताव सरपंच बबली के नेतृत्व में सौंपा गया। इस मौके पर पंच कुमरपाल, रामनारायण, प्रकाश, गीता देवी, बबली देवी, अनीता, मोनिका, जोगेंद्र, भूप ¨सह, राजेंद्र ¨सह, प्रताप ¨सह, दलवीर, पवन कुमार मुख्य रूप से मौजूद थे। बता दें कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में घोषणा की थी कि जो ग्राम पंचायतें गांव में शराब का ठेका नहीं खुलवाना चाहती हैं, वे प्रस्ताव पास करके 31 दिसंबर तक जमा करा दें।