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दबंगों की धमकी से दलित परिवार ने छोड़ा घर

पानीपत: शिमला मौलाना की दर्शना की हत्या के मामले में गिरफ्तार प्रवीण के परिजनों ने बुधवार दोपहर को दलित अधिकार मंच हरियाणा की जिला कमेटी के पदाधिकारियों के साथ मिलकर डीएसपी मुख्यालय जगदीप दूहन को एसपी के नाम का ज्ञापन सौंपा।

आरोप लगाया कि पंचायत ने परिवार को 7 जनवरी 2018 से पहले गांव छोड़ देने का फरमान सुनाया है। डीएसपी दूहन ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी वे घबराए मत। इसके बाद परिवार ने दंबगों की धमकी से डरने की बात कहकर गांव छोड़ दिया। पंट्टीकल्याणा में शरण ले ली है। सरपंच का दावा है कि पंचायत ने समे सिंह के परिवार को गांव छोड़ देने का फैसला नहीं लिया है। इस घटना से गांव में तनाव भरी शांति है। थाना सदर प्रभारी हरभजन सिंह भी देर शाम शिमला मौलाना पहुंचे और मामले की छानबीन की।

पंचायत ने फरमान सुनाया : समे सिंह ने दावा किया कि 7 दिसंबर को गांव में सरपंच पिंकी देवी, सतबीर, रामकुमार, धन सिंह, सूबा सहित कई लोगों ने पंचायत की थी। इसमें उसने कहा कि अगर उसके बेटे प्रवीण ने गलती की है कि है तो वह उससे जेल में नहीं मिलने जाएगा। बेटे से उसका सरोकार नहीं है। इसके बावजूद पंचायत ने फरमान सुना दिया कि 7 जनवरी 2018 से पहले वह परिवार सहित गांव छोड़कर चला जाए। उस पर कागज पर जबरन हस्ताक्षर भी करवा लिए। वह गांव के स्कूल में अस्थायी सफाईकर्मी है। उसे स्कूल से हटवाने के लिए सरपंच व अन्य लोग हेडमास्टर पर भी दबाव डाल रहे हैं। कई दिन से उसे व उसके परिजनों को जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

वह इसकी 8-9 दिसंबर को सीएम विंडो में शिकायत दे चुका है लेकिन सुनवाई नहीं हो पाई। दबंगों से खतरा होने की वजह से उसने, पत्नी निर्मला, छोटे बेटे अरविंद, पुत्रवधू मिंद्रो देवी, पोती योगिता व वेदिका ने घर छोड़ दिया है और अपने बड़े भाई अजमेर के घर पंट्टीकल्याणा में शरण ले ली है।