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ई-दिशा केंद्र के माध्यम से शुरू की गई नई सेवाएं सुनीता

कैथल, 27 दिसंबर ( ) जिला में ई-दिशा केंद्र के माध्यम से शुरू की गई नई सेवाएं सरल पलेट फार्म ई-सर्विसिज वन विभाग, स्वच्छ मैप, डीसी ई-डैसबोर्ड, होटल उद्योग के लिए डिजिटल विजिटर रजिस्टर तथा वीडियो कांफ्रैंसिंग की नई सेवाओं से आम आदमी को सरकारी सेवाएं समयबद्ध तरीसुनीताके से उपलब्ध होने से आम आदमी को राहत मिलेगी।

उपायुक्त सुनीता वर्मा ने बताया कि सरल पलेट फार्म से समयबद्ध तरीके से मिलने से 12 विभागों की 100 सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। इससे आम नागरिक के लिए ये सेवाएं प्राप्त करना आसान होगा। इस योजना के तहत क्षेत्र में काम करने वाले पटवारी आवेदक के प्रार्थना पत्र पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करेंगे, जिससे जाति प्रमाण-पत्र जैसे दस्तावेज निर्धारित समयावधि में उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी। वन विभाग की ई-सर्विसिज में ऑटो अप्रुवल के लिए आवेदन पर कार्रवाई होगी। सभी आवेदनों पर जांच के बाद जिला वन अधिकारी रेंज अधिकारी की सहायता के बिना तथा रेंज अधिकारी के साथ कार्रवाई कर सकते हैं। प्रत्येक प्रार्थना पत्र पर 30 दिन में प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। 

उपायुक्त ने बताया कि स्वच्छ एप और हरपथ एप के माध्यम से संबंधित सडक़ों के गड्ढों की फोटो अपलोड करते ही संबंधित विभाग के अधिकारी के पास शिकायत चली जाएगी तथा कचरे की फोटो संबंधित सफाई दरोगा के पास चली जाएगी। ये सडक़ें लोक निर्माण विभाग, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण, हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड तथा नगर परिषद क्षेत्र में जिस भी विभाग से संबंधित होगी, उसी विभाग के अधिकारी को कार्रवाई करके फोटो भी अपलोड करनी होगी। यह दोनों एप नागरिक समस्या केंद्रित दृष्टिकोण पर आधारित हैं तथा इसका समाधान भी डिजिटल ढंग से होने से इन समस्याओं के समाधान में तत्परता आएगी। इन दोनों एप के लिए गुगल प्ले स्टोर में जाकर हरपथ हरियाणा व स्वच्छ एप डाउनलोड करने पर नाम व मोबाईल नंबर देने पर ऑनलाईन पंजीकरण होगा। तत्पश्चात वन टाईम पासवर्ड फीड करने पर यह एप मोबाईल पर काम करना शुरू कर देगी। यदि मोबाईल में लोकेशन का संकेत होने पर उस क्षेत्र विशेष के बारे में भी संबंधित अधिकारी को सूचना मिल सकेगी। स्वच्छ मैप डेटा नगर परिषद संस्था द्वारा नियमित रूप से चैक किया जाएगा तथा सफाई अभियान को कारगर ढ़ंग से चलाने में मदद मिलेगी। 

उपायुक्त  सुनीता वर्मा ने बताया कि डीसी ई-डैसबोर्ड दर्पण सॉफ्टवेयर के माध्यम से विकास कार्यों की परियोजनाओं की जिला सूचना विज्ञान केंद्र के माध्यम से समीक्षा की जा सकेगी। राष्ट्रीय स्तर पर चलाई जा रही योजनाएं मनरेगा, स्वच्छ भारत, शहरी विकास मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना, मिड डे मिल जैसी परियोजनाओं की समीक्षा हो सकेगी। इसके अतिरिक्त राज्य की महत्वपूर्ण परियोजनाएं, जिसमें राजस्व, परिवहन, सीएम विंडो, सीएम घोषणाएं, लंबित  ई-फाईलों का पता लग सकेगा। यह सॉफ्टवेयर मुख्यमंत्री, विभागीय सचिव, मंडलायुक्त तथा उपायुक्त प्रयोग कर सकेंगे।  यह डैसबोर्ड संबंधित आंकड़े ई-मेल, अकांउट आधारित प्रस्तुत करने में मदद करेंगे। उन्होंने बताया कि होटल उद्योग के लिए डिजिटल विजिटर रजिस्टर के माध्यम से पुलिस विभाग को सराए व होटल में रूकने वाले लोगों के आंकड़े उपलब्ध होंगे। ऐसे आंकड़े सुरक्षा जांच के दौरान महत्वपूर्ण सिद्ध होंगे। सभी होटलों व सराए को होटलों में आने वाले लोगों के इन्फर्मेशन समय आधारित उपलब्ध करवानी होगी। 

उपायुक्त ने बताया कि वीडियो कांफ्रैसिंग व्यवस्था से किसी भी समय कहीं भी डैस्क टॉप, लैपटॉप, मोबाईल टैबलेट के माध्यम से अधिकारियों के साथ मीटिंग की जा सकती हैं। इस नई व्यवस्था से 35 से अधिक युजर्स एक ही समय में जुड़ सकते हैं तथा एक-दूसरे से विकास व अन्य परियोजनाओं के बारे में संवाद स्थापित हो सकता है।