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विसरा रिपोर्ट की देरी से उलझी कई गुत्थियां

विसरा रिपोर्ट आने की वजह से कई संदिग्ध मौतों की गुत्थी पुलिस के चुनौती बनी हुई है। पीड़ित परिवार भी इंसाफ के लिए पुलिस थानों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। हर बार उन्हें रिपोर्ट का इंतजार करने की बात कहकर चुप करवा दिया जाता है। इसी वजह से इन परिवारों को पता नहीं चल पा रहा है कि उनके सदस्य की साजिशन हत्या हुई या फिर मौत की कुछ और वजह है। कई परिवार तो खुद मधुबन फॉरेंसिक लैब तक रिपोर्ट जल्द भेजने की गुहार लगा चुके हैं। 

शहर जगाधरी सिविल अस्पताल में शवों का पोस्टमार्टम होता है। सुसाइड केस और संदिग्ध मौत के मामलों में विसरा जांच के लिए भेजा जाता है। जिस थाना का मामला होता है विसरा की रिपोर्ट सीधी वहां पर जाती है। अक्सर बिसरा रिपोर्ट में कई-कई महीने लग जाते हैं। जिसके कारण परिवार का इंतजार लंबा हो जाता है। 

^पुलिस भी चाहती है कि विसरा रिपोर्ट जल्दी आए। जांच के विसरा फॉरेंसिक लैब मधुबन में भेजा जाता है। इसमें कोई शक नहीं कि बिसरा जांच में काफी वक्त लग जाता है। जिसके कारण परिवार को सच्चाई भी देरी से पता चलती है। लैब पर लोड ज्यादा होने के कारण अक्सर देरी होती है।