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शहर में बिना रजिस्ट्रेशन दौड़ रहे पांच हजार ऑटो

रोहतक : नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल की गाइडलाइन के बाद शहर में एकाएक आटो की संख्या बढ़ गई है। हालात यह है कि करीब पांच हजार आटो बिना रजिस्ट्रेशन के दौड़ रहे हैं, जो न पुलिस के रिकार्ड में है और न ही परिवहन विभाग में इनका कोई लेखा-जोखा है। हालांकि अब पुलिस ने अभियान चला रखा है, लेकिन बावजूद इसके इन पर रोक लगती नहीं दिखाई दे रही है।

दरअसल, कुछ समय पहले एनजीटी की गाइडलाइन के बाद दिल्ली और गुरुग्राम में दस साल पुराने आटो को बंद कर दिया गया। वहां से बंद होने के बाद सभी अधिकतर आटो चालक रोजी-रोटी की तलाश में रोहतक आ गए। स्थिति यह है कि परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जिले में करीब 6742 आटो रजिस्ट्रड है, लेकिन फिलहाल के आंकड़ों पर नजर डाले तो सड़कों पर लगभग 12 हजार आटो दौड़ रहे हैं। यानी कि पांच हजार से अधिक आटो का अधिकारियों के पास कोई रिकार्ड ही नहीं है। जो बाहर से आकर यहां पर चलाए जा रहे हैं। सड़कों पर दौड़ने वाले यही आटो अक्सर या हादसे का कारण बनते हैं या फिर इन्हीं की वजह से जाम लगता है। अब देखना यह है कि पुलिस ने आटो के खिलाफ अभियान तो चला रखा है, लेकिन यह अभियान कितना कारगर सिद्ध होता है आने वाले दिनों में ही पता चलेगा।

करीब एक माह के अंदर पुलिस अभी तक 1500 आटो के कर चुकी है। इन आटो के पास न कोई आरसी और न ही कोई दूसरा दस्तावेज मिला। ऐसे में पुलिस ने इन सभी को अपने कब्जे में ले रखा है। सवाल यह है कि इन आटो का रोहतक में कोई रिकार्ड नहीं है यह तो समझ आता है, लेकिन उनके पास दस्तावेज तो होने चाहिए थे भले ही वह किसी भी जिले में रजिस्ट्रड है। ऐसे में तो पुलिस भी यही मान रही है कि दिल्ली और गुरुग्राम जैसे शहरों में भी यह आटो बिना दस्तावेजों के ही दौड़ रहे थे।