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पेट कोक पर प्रतिबंध, शहर के 20 प्रतिशत उद्योग बंद

पानीपत : पेट कोक पर प्रतिबंध लग जाने से शहर के टेक्सटाइल उद्योग पर मार पड़ी है। अकेले रंगाई उद्योग क्षेत्र में 20 प्रतिशत उद्योग बंद हो चुके हैं। पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा का कहना है कि उनका उद्योग भी बंदी के कगार पर है। यदि जल्द विकल्प नहीं मिला तो यहां के उद्योगों में लगे 8 लाख लोग बेरोजगार हो जाएंगे। करोड़ों रुपये विदेशी मुद्रा कमाने वाला टेक्सटाइल सेक्टर का बर्बाद होना तय है।

पानीपत के रंगाई उद्योगों से जुड़े उद्यमी पेट कोक के विकल्प की तलाश में चीन भी गए थे, लेकिन वहां से उन्हें निराश लौटना पड़ा। चीन में पेट कोक के विकल्प के तौर पर धान की पराली का अधिक प्रयोग किया जाता है। इसके लिए साढ़े तीन करोड़ की मशीनरी लगी हुई है। जो यहां के उद्यमी नहीं लगा पा रहे।

पेट कोक पर प्रतिबंध लगने के बाद फ्यूल मार्केट में चोर बाजारी शुरू हो गई है। नए-नए लोगों ने कोयले का काम शुरू कर दिया। घटिया कोयले की आपूर्ति होती है। जिसे उद्यमियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

पेट कोक का भाव साढ़े 10 रुपये प्रति किलो था जबकि गैस का भाव 38 रुपये प्रति किलो पड़ता है, यानि तीन गुणा अधिक। पेट कोक से अन्य कोल जिसमें इंडोनेशिया तथा यूएस का कोयला शामिल है 120 प्रतिशत मंहगा पड़ता है। 2800 रुपये प्रति टन का भाड़ा उद्यमियों को देना होता है। इंडोनेशिया का कोयला 6200 आता है। जिस पर 2800 रुपये भाड़ा तथा 400 रुपये सेस, पांच प्रतिशत जीएसटी अलग से लगता है। इसके अतिरिक्त कोयले में मिलावट आ रही है