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आरटीआइ के भंवरजाल में फंसा फॉनिक्स क्लब, 48 दिनों बाद भी दिए नहीं बने जवाब

अंबाला : छावनी के प्रतिष्ठित फीनिक्स क्लब का रद हुआ बार लाइसेंस तो बहाल हो गया लेकिन एक बार फिर से मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। इस बार क्लब आरटीआइ के सवालों के भंवरजाल में फंस गया है। आरटीआइ के यह सवाल खुद क्लब के पूर्व कोषाध्यक्ष विजय सोनी ने दागे हैं। आलम यह है कि आरटीआइ में पूछे सात सवालों के जवाब 48 दिनों बाद भी दिए नहीं बन रहे हैं। इसके चलते अब विजय सोनी को राज्य सूचना आयुक्त से इस सूचना को लेकर अपील करनी पड़ी है। वहीं, जिस प्रकार से क्लब ने तय अवधि में भी सवालों के जवाब नहीं दिए वह इस मामले की गंभीरता को जाहिर करने को काफी है।

जानकारी के मुताबिक विजय सोनी ने पूछा है कि साल 2017 में स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या, दशहरा व दीवाली उत्सव को लेकर क्लब के कितने सदस्यों ने क्लब में समारोह में उपस्थिति दर्ज की। इन सभी सदस्यों की उपस्थिति की सर्टिफाइड कॉपी उन्हें दी जाए। सवाल नंबर दो में पूछा है कि कितने अतिथियों ने इन समारोह में हिस्सा लिया। अतिथि रजिस्टर में इनकी उपस्थिति की सर्टिफाइड कॉपी व इनसे किस रेट में कितना चार्जेज लिया गया। इन समारोह के दौरान कौन सी बीयर, शराब परोसी गई और क्या यह किसी कंपनी ने स्पोंसर की थी और अगर की थी तो कितनी मात्रा में की गई थी। इसके साथ ही बताया जाए कि कितनी मात्रा में शराब व बीयर का इस्तेमाल इन समारोह के दौरान हुआ। वहीं, एक सवाल में पूछा कि अगर किसी सदस्य की मेंबरशिप को बदला गया है तो वह किस आदेश पर बदला गया उसकी सर्टिफाइड कॉपी दी जाए। क्या इस संबंध में कहीं कोई जानकारी दी गई और अगर ऐसा किया गया तो वह वह खुद कैसे इसे हासिल कर सकते हैं। पूछे गए अंतिम सवाल में विजय सोनी ने उस प्रक्रिया पर सवाल उठाया है जिसके तहत क्लब में किसी भी सदस्य की मृत्यु उपरांत उसके मेंबरशिप नंबर को आगे पारिवारिक मेंबर को नहीं देने का प्रावधान है। विजय सोनी के मुताबिक ऐसा किया जा रहा है और इसकी जानकारी उनसे छिपाई जा रही है। हालांकि, जब तक उन्हें उनके सवालों की जानकारी नहीं मिलती वह चुप नहीं बैठने वाले।