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जनस्वास्थ्य विभाग की डिवीजन नम्बर-1 द्वारा करवाएं जा रहेआदित्य दहिया

उपायुक्त डा०आदित्य दहिया ने बताया कि सरकार द्वारा पिछले तीन वर्ष के कार्यकाल में आमजन को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत जिले में करीब 12 करोड़ रूपये खर्च किये जा चुके है जबकि लगभग 54 करोड़ रूपये की राशि के विकास कार्य जारी है। इन कार्यो के पूरा होते ही जनता को बेहतर स्वच्छ पेयजल की सप्लाई सुनिश्चित हो सकेगी। यह सभी कार्य जनस्वास्थ्य विभाग की डिवीजन नम्बर-1 द्वारा करवाएं जा रहे है। 
पूरे हो चुके कार्यो की जानकारी देते हुए उपायुक्त ने बताया कि गांव बालू,डेरा पिण्डोरिया,दूपेडी,जलमाना,शेखुपुरा,मटक माजरी,गौंदर तथा अजंनथली में खराब हो चुके टयूबवैल के स्थान पर नये टयूबवैल लगाए गए है। इसी प्रकार करनाल शहर की बहादुरचंद कालोनी और पुराने रमेश नगर में भी खराब हो चुके टयूबवैल के स्थान पर एक-एक नये टयूबवैल की स्थापना की गई है तथा एक टयूबवैल तरावड़ी शहर में टैलिफोन एक्सचेंज कार्यालय के नजदीक भी लगाया गया है। इंद्री खंड के गांव भादसों में सांसद आदर्श ग्राम योजना के तहत एक अतिरिक्त टयूबवैल की स्थापना की गई है। साथ ही स्वच्छ पेयजल सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए करनाल,निसिंग,नीलोखेड़ी व असंध क्षेत्र की कईं कालोनियों में नई पाईप लाईन बिछाने का कार्य भी पूरा किया जा चुका है।
इसी प्रकार लगभग 54 करोड़ रूपये की राशि के प्रगतिशील कार्यो की जानकारी देते हुए उपायुक्त ने बताया कि कुंजपुरा में मुख्यमंत्री घोषणा के तहत लगभग 63 लाख रूपये की लागत से ओवरहैड टैंक की स्थापना का कार्य जारी है,जो अप्रैल 2018 में पूरा हो जाएगा। इंद्री की कईं कालोनियों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने के दृष्टिगत कार्य प्रगति पर है,जिस पर लगभग 24 लाख रूपये की राशि खर्च होगी। उन्होंने बताया कि करनाल शहर में श्याम नगर,प्रीतम नगर, रणजीत एन्कलेव,चौधरी कालोनी,कर्णगेट,चमन गार्डन तथा अशोका कालोनी में फेल हो चुके टयूबवैल के स्थान पर नये टयूबवैल स्थापित करने का कार्य जारी है। इसके अतिरिक्त कर्ण विहार,ओल्ड राजीव कालोनी,डीसी कालोनी तथा छोटी मंगलपुर कालोनी में नया टयूबवैल तथा गांधी नगर व मंगलपुर में एक-एक अतिरिक्त टयूबवैल स्थापित करने का कार्य भी चल रहा है। साथ ही मुख्यमंत्री घोषणा के तहत 27 नई कालोनियों में  लगभग 18 करोड़ रूपये की लागत से पेयजल सप्लाई पहुंचाने का कार्य प्रगति पर है। 
इसी क्रम में आगे जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि असंध क्षेत्र में एमबीबीआर तकनीक पर आधारित लगभग 6 करोड़ रूपये की लागत से 5 एमएलडी क्षमता का सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट(एसटीपी) तथा इंद्री क्षेत्र में लगभग 8 करोड़ की लागत से 12 एमएलडी क्षमता व 4 एमएलडी क्षमता का एसबीआर तकनीक पर आधारित एसटीपी बनाने का कार्य प्रगति पर है।