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स्वास्थ्य सुविधाओं से दूर फतेहगढ़ के लोग

रादौर : 1500 की आबादी वाला गांव फतेहगढ़ विकास कार्यों से महरूम है। गांव में समस्याओं का अंबार लगा है। साफ सफाई, गंदे पानी की निकासी, पीने के पानी की समस्या, फिरनी पर गंदगी, कच्ची गलियां, बस सुविधा का अभाव, डिस्पेंसरी न होना सहित समस्याओं से ग्रामीण परेशान है। कहीं पर भी उनकी सुनवाई नहीं रही। गांव के 90 प्रतिशत लोग शिक्षित है।

मीतू सैनी ने बताया कि गांव में छह गलियां कच्ची है। कच्ची गलियों में हर समय गंदा पानी जमा रहता है। बरसात के दिनों में तो कच्ची गलियों से तो गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। सबसे ज्यादा दिक्कत बच्चों को होती है। कीचड़ में गिर कर बच्चे कई दफा चोटिल हो चुके हैं। इस तरफ किसी का भी ध्यान नहीं है। गांव में गंदे पानी की निकासी का उचित प्रबंध नहीं है। गंदे पानी की निकासी के लिए दो जोहड़ है, जो ओवरफ्लो हो चुके है। पानी गलियों व सड़कों पर जमा होकर घरों में घुस जाता है। जिससे लोग बेहद परेशान है।

संदीप कुमार ने बताया कि गांव में कोई बस सुविधा नहीं है। बहुत वर्षो पहले बस सुविधा थी। लेकिन वह कई वर्षों से बंद है। गांव के लोग अपने वाहनों से या किसी से लिफ्ट लेकर अपना सफर तय करते है। बस न होने के कारण विद्यार्थियों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ता है। सवारी की इंतजार में लोग घंटों सड़क पर खडे़ रहते है। गांव में डिस्पेंसरी नहीं है।गांव में आसपास ईलाज की कोई सुविधा नहीं है। इलाज के लिए गांव के लोग पांच किलोमीटर दूर रादौर जाते है