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मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर किसानों ने किया अनिश्चिकालीन धरना

जींद : गांव झांझ कलां, झांझ खुर्द, कैरखेड़ी के किसानों ने रविवार को गांव झांझ कलां में बाईपास में एक्वायर की गई जमीन का मुआवजा बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने की शुरूआत की। धरने का नेतृत्व इनेलो जिला उप प्रधान डा. कृष्ण मिढ़ा ने किया। धरनारत किसानों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग तथा बाईपास के लिए उनकी जमीन सरकार द्वारा एक्वायर की गई है उसके लिए उन्हें बहुत कम मुआवजा दिया गया है कि जोकि बहुत ही कम है। इसे लेकर वो एडीसी से भी मिल चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया है। सरकार को चाहिए कि उनकी जमीन एक्वायर की एवज में अन्य गांवों के बराबर मुआवजा राशि दी जाए नहीं तो वो अपनी जमीन सरकार को कभी नहीं देंगे। धरने पर बैठे किसानों को संबोधित करते हुए इनेलो जिला उप प्रधान डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग तथा बाईपास के लिए गांव झांझ कलां, झांझ खुर्द, कैरखेड़ी सहित लगभग आधा दर्जन गांवों के किसानों की जमीन को एक्वायर किया गया है। अधिग्रहीत की गई जमीन को लेकर जो मुआवजा राशि 20 लाख रुपये प्रति एकड़ किसानों को दी जा रही है वो बेहद कम है, जबकि साथ लगते गांव अहिरका और खटकड़ के किसानों को उनकी अधिग्रहीत की गई जमीन को लेकर लगभग 90 लाख रुपये तक मुआवजा दिया गया है। जोकि इन किसानों के साथ अन्याय है। डा. कृष्ण मिढ़ा ने बताया कि इस अन्याय को लेकर जींद के इनेलो विधायक डा. हरिचंद मिढ़ा केंद्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मिले थे और इन गांवों के किसानों की समस्या को लेकर ज्ञापन सौंपा था। जिसमें मांग की गई थी कि अहिरका और खटकड़ के किसानों की तरह ही इन गांवों के किसानों को उनकी अधिग्रहित की गई जमीन को लेकर भी समान मुआवजा दिया जाए। डॉ. कृष्ण मिढ़ा ने कहा कि एडीसी से मिल कर भी किसानों की इस समस्या से उन्हें अवगत करवाया जा चुका है लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ है। जिला प्रशासन को चाहिए कि इन आधा दर्जन गांवों के किसानों के साथ अन्याय न करते हुए उन्हें एक समान मुआवजा दिलवाया जाए। इस मौके पर तीनों गांवों के किसान परिवार मौजूद रहे और कहा कि जब तक उनकी मांग को पूरा नहीं किया जाता तब तक उनका धरना जारी रहेगा।