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दुष्कर्म के आरोपी तीनों शिक्षकों के साथ डीईओ जांच में शामिल

जींद : छात्रा से दुष्कर्म के मामले में आरोपी तीनों शिक्षकों के साथ-साथ अब संबंधित स्कूल के ¨प्रसिपल, चौकीदार व डीईओ वंदना गुप्ता को भी शामिल किया जाएगा। रविवार को इस मामले में संज्ञान लेने के लिए महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी जींद एसएसपी कार्यालय पहुंची और जांच अधिकारी डीएसपी रामभज से पूरे मामले में अब तक की कार्रवाई की जानकारी ली। साथ ही इस मौके पर शिक्षा विभाग की तरफ से किसी अधिकारी के नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई।

पुलिस द्वारा की गई अब तक की कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए सुमन बेदी ने कहा कि अब तक जांच उस स्तर पर नहीं हुई, जिससे कुछ रिजल्ट सामने आ सके। पुलिस 11 दिन से इस मामले में जांच कर रही है, लेकिन अभी तक उसके हाथ खाली हैं। उन्होंने जांच के लिए गठित एसआइटी के इंचार्ज डीएसपी रामभज से तीनों आरोपी शिक्षकों के साथ-साथ संबंधित स्कूल के ¨प्रसिपल, चौकीदार तथा इस मामले में शिकायत मिलने के बावजूद गंभीरता से नहीं लेने पर डीईओ वंदना गुप्ता को भी जांच में शामिल किया जाए। पुलिस द्वारा की गई अब तक जांच में ये स्पष्ट तो हो गया है कि चिट्ठी में जिन तीन शिक्षकों के पद नाम के साथ नाम लिखे गए हैं, उस नाम के तीनों शिक्षक उस स्कूल में कार्यरत हैं।

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ये था मामला

एक छात्रा ने चार अक्टूबर को डीइओ वंदना गुप्ता को चिट्ठी लिख कर शहर के एक राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के तीन शिक्षकों पर उसे जेबीटी की को¨चग देने के बहाने बुलाकर उसके साथ दुष्कर्म करने के आरोप लगाए थे। डीईओ द्वारा इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करने पर छात्रा ने इसके बाद राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, सीएम, महिला आयोग, एसएसपी व डीसी के नाम चिट्ठी लिखी। चिट्ठी में छात्रा ने आरोप लगाए कि तीनों शिक्षक उसे दूसरी लड़कियों को भी लाने के लिए प्रेशर डाल रहे हैं। इसके बारे में वह अपने परिजनों को भी नहीं बता सकती है। ऐसे में उसके पास आत्महत्या करने या उक्त शिक्षकों की द¨रदगी सहन करने के दो रास्ते बचते हैं। यह मामला संज्ञान में आने के बाद एसएसपी डॉ. अरूण कुमार ने डीएसपी रामभज के नेतृत्व में महिला थाना प्रभारी समेत चार सदस्यीय एसआइटी जांच के लिए गठित की।

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आरोपी शिक्षकों का मेडिकल भी करा चुकी पुलिस

पुलिस जांच में दिन-रात एक करने के बावजूद चिट्ठी लिखने वाली छात्रा को नहीं ढूंढ पाई है। जिस नाम से चिट्ठी आई है, उस नाम की शहर के सरकारी स्कूलों में साल 2014 से लेकर अब तक पढ़ने वाली छात्राओं के घर जाकर भी पूछताछ कर चुकी है। इसके बावजूद कुछ हाथ नहीं लगा। चिट्ठी में छात्रा द्वारा उक्त तीनों शिक्षकों के शरीर पर निशान होने की पहचान बताई गई है, उसके आधार पर पुलिस तीनों शिक्षकों का मेडिकल भी करा चुकी है, जिससे साफ तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं हुआ। हालांकि महिला आयोग सदस्य ने इस रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए अच्छे से मेडिकल कराते हुए रिपोर्ट पर सिविल सर्जन की स्टैंप के साथ उन्हें भेजने के निर्देश दिए।