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मांगे पूरी न होने पर आंगनबाडी कार्यकर्ता देंगे गिरफ्तारी

रोहतक : भरत कालोनी के यूनियन कार्यालय में हुई आंगनबाडी कार्यकर्ता सहायिका यूनियन कमेटी की बैठक में सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिए जाने की मांग उठाई। उन्होंने सरकार पर आंगनबाडी सेंटरों का निजीकरण किए जाने की योजना के खिलाफ रोष जताया।

यूनियन की प्रदेश सचिव पुष्पा दलाल ने कहा कि आंगनबाडी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और सातवें वेतन आयोग के अनुसार मानदेय दिया जाए। कहा कि सहायिकाओं के मानदेय में मात्र 70 रुपये की बढोतरी कर उनके साथ अन्याय किया गया है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि सरकार आंगनबाडी सेंटरों का निजीकरण करने की योजना बना रही है। इस तरह उन्हें बच्चों की देखभाल व पोषाहार देने से दूर करने योजना बनाई जा रही है। शीला ने कहा कि मांगों को लेकर आशा व मिड डे मील वर्करों के साथ मिलकर 17 जनवरी को हड़ताल की जाएगी।

अध्यक्षा बिमला नैन ने कहा कि उन्हें मांगों के लिए सरकार के खिलाफ आंदोलन करना पड़ता है। राज्य उपाध्यक्ष ईश्वर ¨सह राठी ने कहा कि कर्मचारी नीतियों के खिलाफ 30 जनवरी को प्रदर्शन किया जाएगा और मुख्यालय पर गिरफ्तारी दी जाएगी। इस दौरान कृष्णा यादव, प्रवीण व कौशल्या आदि ने विचार व्यक्त किए।