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आरटीआइ : पांच लाख की आबादी पर था मात्र एक सरकारी अल्ट्रासाउंड केंद्र

पलवल: पलवल जिले में सरकार चाहे स्वास्थ्य सेवाओं को पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराने के दावे करती रहे, परंतु जिले के सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में वर्ष 2015 से अगस्त 2017 तक कुल एक अल्ट्रासाउंड सेंटर काम कर रहा था। करीब पांच लाख की आबादी पर केवल एक अल्ट्रासाउंड केंद्र होना स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत पेश करता है। पेट की बीमारियों तथा गर्भवती माताओं की जांच करने के लिए अल्ट्रासाउंड का होना जरूरी है। खास बात यह है कि उक्त अवधि के दौरान जिले में 49 प्राइवेट अल्ट्रासाउंड सेंटर कार्य करते रहे है। सरकारी अल्ट्रासाउंड केंद्र न होने के कारण लोगों को मजबूरी में प्राइवेट सेंटरों की ओर रुख करना पड़ता है।

आरटीआइ कार्यकर्ता भगत ¨सह घुघेरा द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी में स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि उक्त अवधि के दौरान कुछ अल्ट्रासाउंड केंद्र अलग-अलग कारणों से बंद भी रहे। विभाग ने यह जानकारी नहीं दी कि निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों में जो डॉक्टर कार्यरत रहे, उन्हें एक अथवा दो सेंटरों के लिए अल्ट्रासाउंड करने के लिए अनुमति दी गई थी या नहीं