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प्लान न इंतजाम, ट्विनसिटी जाम से हलकान

अंबाला शहर : हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के दूसरे दिन जिला प्रशासन की नाकाम व्यवस्था के चलते ट्विन सिटी वासी हाफ गए। सुबह और शाम दोनों सत्रों में 16 हजार 894 परीक्षार्थियों ने एचटेट लेवल एक और लेवल दो की परीक्षा दी। सुबह के सत्र में परीक्षा के लिए 31 तो शाम के सत्र में 27 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। कुल 18 हजार 96 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था की गई थी। सुबह के सत्र में 9672 में से 8909 तो शाम के सत्र में 8424 परीक्षार्थियों में से 7985 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। 16 हजार 896 साथ-साथ उनके अभिभावकों के पहुंचने से ट्विन सिटी में करीब 25 हजार लोग बाहर से पहुंचे तो व्यवस्था पूरी तरह से हाफ गई। नतीजा जगह-जगह जाम। हालांकि जगह-जगह पुलिस कर्मी खड़े थे लेकिन भीड़ के आगे सभी ने घुटने टेक दिए। पहले से ही परीक्षा के बारे में जानकारी होने पर भी जिला प्रशासन योजना नहीं बना पाया। यही कारण था कि जाम से पूरे दिन शहरवासियों को निजात नहीं मिली। छावनी में अंबाला-जगाधरी नेशनल हाइवे का सबसे बुरा हाल था, वहीं बस अड्डे से दिल्ली-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे की स्थिति भी बेहद खस्ता थी।ट्विन सिटी में जाम के चलते स्थिति यह थी कि 10 मिनट का सफर एक घंटे में तब्दील हो गया। अंबाला शहर की बात करें तो कालका चौक से लेकर अग्रसेन चौक तक जो भी गया वह वहीं फंस गया। इसी तरह अग्रसेन चौक से लेकर पीकेआर वाटिका हिसार रोड तक स्थिति कुछ ऐसी ही थी। वहीं अंबाला शहर से छावनी की ओर आते हुए बस अड्डे जंडली पुल से आगे सब कुछ जाम रहा। यह स्थिति रेलवे स्टेशन तक रही। वहीं रेलवे स्टेशन से अंबाला जगाधरी नेशनल हाईवे पर महेश नगर टांगरी पुल तीन किलोमीटर एरिया की स्थिति भी कुछ इसी तरह से बेहाल रही।

ऑटो चालकों पर फिर नहीं कस पाया शिकंजा

परीक्षा के चलते ऑटो चालकों ने भी मनमर्जी दिखाई और पुलिस प्रशासन उनपर भी शिकंजा नहीं कस पाया। एक-एक ऑटो में चालकों ने 12-12 तक सवारियां लादी। बसों की स्थिति भी कुछ ऐसी ही थी। अंबाला छावनी बस अड्डे पर अंबाला- चंडीगढ़, अंबाला-दिल्ली दोनों रूटों पर यात्रियों के लिए बसें कम पड़ गई। स्थिति यह थी कि शाम के सत्र में तो यात्रियों को बसों में लटक-लटक कर जाना पड़ा। हिसार हाइवे की स्थिति भी यही थी। भीड़ के चलते हरियाणा रोडवेज के चालकों ने भी मनमर्जी की और कई जगह पर बसें नहीं रोकी।

फोटो स्टेट और कंप्यूटर संचालकों की बल्ले-बल्ले

दोनों परीक्षाओं के दौरान फोटो स्टेट और कंप्यूटर संचालकों की बल्ले-बल्ले रही। परीक्षार्थी बोर्ड के आदेशों के बावजूद आवश्यक शर्तें पूरी किए बिना ही परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे। इसी कारण उन्हें एंट्री नहीं करने दी गई। लेकिन परीक्षार्थियों के पास सेंटर में प्रवेश का करीब डेढ़ घंटा मिलने के कारण उन्होंने आवश्यक शर्तें पूरी कर ली। इसके लिए आसपास के फोटो स्टेट दुकानों व कंप्यूटर संचालकों के पास पहुंचे। जहां एक-एक रोल नंबर के 30 से 50-50 रुपये तक वसूले गए। वहीं डाक्यूमेंट फोटोस्टेट के लिए 1 रुपये की बजाए 5-5 रुपये लिए गए।