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महिला-पुरुष को बराबरी का दर्जा देने पर हो जोर- धौंचक

 कैथल: जिला एवं सत्र न्यायाधीश एमएम धौंचक ने कहा कि समाज में सभी क्षेत्रों में महिलाओं और पुरूषों को बराबरी का दर्जा देने के लिए महिला सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया जाएगा। आज महिलाएं हर क्षेत्र में पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विकास सहित सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रही है। इन महिलाओं को यदि और अवसर प्रदान किए जाएं तो वे अपने-अपने क्षेत्रों में विकास की बुलंदियों को छू सकती हैं। न्यायाधीश धौंचक स्थानीय पुराना बस अड्डा के निकट जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित महिलाओं व पुरूषों में अपने अधिकारों के बारे में दूरी को खत्म करने के लिए स्कूली बच्चों द्वारा निकाली गई जागरूकता रैली का शुभारंभ करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।

उन्होंने इस रैली का गुब्बारे उड़ाकर शुभारंभ किया। धौंचक ने 250 स्कूली बच्चों के साथ कदम से कदम मिलाकर इस जागरूकता रैली में भाग लिया। उन्होंने कहा कि देश, समाज और परिवार के उज्ज्वल भविष्य के लिए महिला का सशक्तीकरण बेहद जरूरी है। महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा विशेष शिविर लगाकर जानकारी दी जाती है तथा भविष्य में भी ऐसे शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार लगाए जाएं। स्कूली बच्चे इस जागरूकता रैली में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे लगाते हुए नगर से पुल पार करके जाखौली अड्डा नई अनाज मंडी तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि महिलाओं को शिक्षा के क्षेत्र में और अधिक अवसर दिए जाने चाहिए। शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है, जिसके दम पर प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ा जा सकता है।

इस मौके पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विवेक गोयल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव दानिश गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी शमशेर सिरोही, ¨प्रसिपल शशि गुलाटी, नोडल अधिकारी सुरेश गुलशन तथा पीएलवी एडवोकेट व विद्यार्थी मौजूद रहे।