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पशुओं के इलाज में आयुर्वेद का विकल्प तलाशना जरूरी

हिसार : देश में पशुधन क्षेत्र को और अधिक संगठित करने की जरूरत है ताकि आने वाले समय में पशुपालन से किसानों की आय को बढ़ाया जा सके। पशुओं के इलाज के लिए आयुर्वेद का विकल्प भी तलाशना जरूरी है। पशुओं और मानव में बीमारियों के इलाज के लिए फाज थैरेपी भी कारगर सिद्ध हो सकती है। यह बात शुक्रवार को लुवास में आयोजित 17वें वार्षिक सम्मेलन के समापन समारोह में बतौर विशिष्ट अतिथि पहुंचे भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान बरेली के निदेशक एवं कुलपति डा. आरके ¨सह ने कही। इस दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (पशु विज्ञान) के उपनिदेशक डा. जेके जैना मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में पशुचिकित्सा औषध एवं विष विज्ञान विभाग द्वारा इंडियन सोसाइटी फॉर फार्माकोलॉजी संस्था के 17वें वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया गया था। जिसमें 200 से ज्यादा पशुचिकित्सा औषध विज्ञान से जुड़े वैज्ञानिकों ने विचार विमर्श किया। इस मौके पर लुवास के कुलपति डा. गुरदियाल ¨सह, पशुचिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डा. एसके गुप्ता, आइएसवीपीटी की अध्यक्ष डा. एसके श्रीवास्तव, सम्मेलन के आयोजक सचिव डा. विनोद कुमार वर्मा, हरियाणा किसान आयोग के सचिव डा. आरएस दलाल, सदस्य श्याम भास्कर, डा. बीएन त्रिपाठी, लुवास के अधिकारी, वैज्ञानिक आदि उपस्थित रहे।