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पुलिस एनकाउंटर में मारा गया कार चोर

 गुरुग्राम: पुलिस एनकाउंटर में बृहस्पतिवार रात एक कार चोर मारा गया। इसका एक साथी पुलिस के हत्थे चढ़ गया, जबकि एक फरार होने में कामयाब हो गया। मारे गए बदमाश की पहचान उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के गांव बाजितपुर निवासी आकाश ¨सह उर्फ लक्की के रूप में हुई।

मियांवाली कॉलोनी निवासी विवेक सचदेवा की होंडा सिटी कार बुधवार रात गांधी नगर इलाके से चोरी हो गई थी। गांधी नगर में सचदेवा के ड्राइवर रहते हैं। बुधवार रात वह कार लेकर अपने घर चले गए थे। कार में जीपीएस की सुविधा है। सचदेवा ने चोरी की सूचना पटौदी चौकी पुलिस को दी। इसके बाद जांच में क्राइम ब्रांच सेक्टर 40 की टीम भी लग गई।

चोरों ने कार कापसहेड़ा थाने के नजदीक खड़ी कर दी थी। बृहस्पतिवार रात चोर कार लेकर गुरुग्राम के रवि नगर इलाके के लिए निकले। जीपीएस की सुविधा होने की वजह से क्राइम ब्रांच की टीम पीछे लग गई। साथ में सचदेवा भी थे। देर रात जैसे ही चोर कार लेकर रवि नगर इलाके में पहुंचे, पीछे से पुलिस पहुंच गई। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने फाय¨रग कर दी। जवाब में पुलिस ने भी फाय¨रग की। एक गोली सीधे एक बदमाश को लगी। इसके बाद भी बदमाशों ने कार लेकर भागने का प्रयास किया, लेकिन आगे बिजली के खंभे से कार टकरा गई। इसके बाद जहां मनीष नामक का बदमाश भागने में कामयाब हो गया। एक अन्य बदमाश 19 वर्षीय सागर ने भी भागने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ।

यह लाइन पार हरियाणा के झज्जर जिले के बहादुरगढ़ का रहने वाला है। तीसरा आकाश कार में मृत मिला। उसके सीने में गोली लगी थी। जांच अधिकारी ने बताया कि घटनास्थल की जांच की जा रही है। फोरेंसिक जांच टीम भी जांच कर रही है। मृतक का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। पकड़े गए बदमाश से रिमांड के दौरान पूछताछ की जाएगी। इससे पता चल सकेगा तीनों कितने मामलों में संलिप्त थे। मृतक आकाश के खिलाफ गुरुग्राम, फरीदाबाद के अलावा दिल्ली सहित कई राज्यों में वाहन चोरी के कई मामले दर्ज हैं।

फाय¨रग से इलाके में घंटों दहशत

बृहस्पतिवार देर रात रवि नगर की गली नंबर तीन में अचानक फाय¨रग की आवाज सुनकर दहशत फैल गई। घंटों इलाके में दहशत भरा माहौल रहा। रवि नगर के किसी घर में जाने से पहले ही एनकाउंटर होने से पता नहीं चल सका कि आखिर बदमाश कहां रुकना चाहते थे। इस बारे में सागर से पूछताछ में सामने आएगी। इस घटना से जीपीएस की उपयोगिता कितनी है, यह एक बार फिर प्रमाणित हो गई। जीपीएस की वजह से बदमाश कहां पर रूके हुए हैं। किस-किस रास्ते से कहां तक पहुंचे, पुलिस जानकारी हासिल करती रही।